कासिमपुर स्थित राधा इंडस्ट्रियल गैस प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई में सक्रिय हुए बिचौलियों को लेकर अमर उजाला द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद खुद प्लांट संचालिका आस्था अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को इनका भंडाफोड़ किया। प्लांट संचालिका आस्था अग्रवाल ने स्वीकार किया है कि उनके प्लांट पर बिचौलिए सक्रिय हैं।
वह 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी देने का दबाव बना रहे हैं। चहेतों को गैस की सप्लाई कर रहे हैं। उन्होंने शहर के दो चर्चित युवक व कलक्ट्रेट के एक लिपिक का नाम खुले तौर पर लिया है। पूरे प्रकरण की जांच प्रभारी डीएम अंकित खंडेलवाल ने एसडीएम कोल रंजीत सिंह को सौंप तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
भाजपा एमएलसी मानवेंद्र सिंह और बरौली विधायक दलवीर सिंह के पौत्र विजय उर्फ पप्पू से बातचीत में प्लांट संचालिका ने सभी आरोप कैमरे के सामने लगाए हैं। साथ ही आस्था ने जवां थाने में तीनों के नाम पर तहरीर भी दी है। इसको लेकर दोनों नेताओं ने उप्र डीजीपी, एडीजी आगरा जोन, एसएसपी अलीगढ़ से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि वह इस महामारी में इस प्रकार से जनता के साथ छल नहीं होने देंगे। ऑक्सीजन के बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई कराकर ही दम लेंगे।
अमर उजाला के बृहस्पतिवार के अंक में दो ‘बिचौलियों’ के हाथ में जिले की ऑक्सीजन व्यवस्था शीर्षक के साथ खबर प्रकाशित हुई थी। इस खबर का संज्ञान लेकर दोपहर को एमएलसी मानवेंद्र सिंह, बरौली विधायक दलवीर सिंह को पौत्र विजय उर्फ पप्पू पहुंचे। उन्होंने प्लांट संचालिका आस्था अग्रवाल के साथ बातचीत की। यह बातचीत वीडियो कैमरे में रिकार्ड हुई, जिसमें आस्था आरोप लगा रही हैं कि तीन लोग उनके प्लांट पर आए, जिसमें एक सरकारी कर्मचारी व दो बाहरी थे।
बाहरी प्रशासनिक व्यवस्था समाजसेवा के नाम पर संभालने की बात कहते हुए प्लांट के भीतर घुसे। दो दिन मामला ठीक रहा। तीसरे दिन वह 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी ऑक्सीजन सप्लाई से होने वाली कमाई में मांगने लगे। मना करने पर अभद्रता की। इसके बाद यह मामला सिटी मजिस्ट्रेट के सामने रखा गया।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था संभाल रहे हैं तो अच्छी बात हैं, लेकिन किसी भी प्रकार पैसे का लेनदेन नहीं करना है। इसके बाद वह बाहरी अपने चहेतों को गैस की सप्लाई करने लगे। इसके बाद जब दोनों बाहरियों को प्लांट से जाने के लिए कहा तो उन्होंने प्लांट का गेट खोल दिया और बाहर खड़ी जनता को प्लांट भीतर घुसा दिया, जिससे की अव्यवस्था फैल गई।
बातचीत के दौरान एमएलसी व विधायक पौत्र नायब तहसीलदार मनीष कुमार पर इस अव्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर करते हैं। मगर, आस्था अग्रवाल नायब तहसीलदार का बचाव करते हुए कहती हैं कि वह पूरा साथ दे रहे हैं, इनकी कोई गलती नहीं है।
आस्था अग्रवाल ने सभी आरोपों को लेकर एक तहरीर लिखी, जिसमें दोनों बाहरी एवं कलक्ट्रेट के लिपिक को नामजद किया है। इधर, एमएलसी ने उप्र डीजीपी, एडीजी आगरा जोन, एसएसपी अलीगढ़ से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। इस पूरे मामले से जिले में पुलिस-प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, राजनैतिक गलियारों में हलचल मची हुई है। इस मौके पर भाजपा नेता सुशील गुप्ता, निशित शर्मा, राजू पंडित, विजय विक्रम चीकू आदि मौजूद रहे।
सत्ताधारी की बिचौलियों को शह
राधा प्लांट पर सक्रिय बिचौलियों पर एक सत्ताधारी का हाथ बताया जा रहा है। इसके चलते दो दिन पहले वीडियो वायरल होने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी मौन रहे और बाहरियों द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था संभालने में सहयोग की बात करते रहे। हालांकि, इस बीच एक आरोप यह भी सामने आया है कि बिचौलियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को भी लालच दिया था। फिलहाल मामला उजागर होने के बाद सभी अधिकारी मौन धारण किए हैं।
प्लांट संचालिका पर भी उठे सवाल, सांसद, डीएम से शिकायत
प्लांट संचालिका पर भी आरोप लगने शुरू हो गए हैं। एक व्यक्ति ने गुमनाम शिकायत की है, जिसमें आरोप लगाए हैं कि आस्था अग्रवाल वर्तमान में सीएमओ कार्यालय में तैनात हैं। कार्यालय में हाजिरी लगाने जाती हैं। इसके बाद प्लांट को संभालती हैं। वहां, ऑक्सीजन की कालाबाजारी होती है।
पहले ए साइज सिलिंडर 150 रुपये में रिफिल होता था, वो अब 300 रुपये का है। बी साइज का सिलिंडर जो 200 रुपये में रिफिल होता था, वो अब 600 रुपये का है। सी साइज का सिलिंडर 300 रुपये का रिफिल होता था वो अब 1000 रुपये का है। इसके सुबूत प्लांट के सीसीटीवी कैमरे और वो सारे अधिकारी हैं, जो प्लांट पर ड्यूटी पर हैं। सभी हॉस्पिटल इस बात के गवाह हैं।
प्लांट के बाहर बन गया था आईपीएल के सट्टेबाजी का स्थल
प्लांट पर बिचौलियों की आड़ में यहां तमाम आईपीएल सट्टे के बुकियों का भी डेरा लगने लगा था। इसके पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। मगर कहा जा रहा कि एक बिचौलिये के तार बुकियों से जुड़े हैं और सत्ताधारी कनेक्शन की आड़ में सट्टे का धंधा भी चल रहा था।
- प्रशासन करा रहा है गैस की कालाबाजारी। इसमें सिटी मजिस्ट्रेट भी शामिल हैं। सभी हॉस्पिटल को गैस नहीं मिल रही है। व्यवस्था के नाम पर लूट हो रही है। ऐसे हालत में कुछ लोग मानवता को कलंकित कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसकी शिकायत में मुख्यमंत्री से करुंगा। - मुकेश लोधी जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा
- एसडीएम कोल को पूरे मामले की जांच सौंपी है। वह दोनों पक्षों के बयान लेंगे। सभी आरोप-प्रत्यारोपों की जांच करेंगे। इसके अलावा जितने भी अन्य तथ्य हैं, उनको भी जुटाकर जांचेंगे। इसके लिए तीन दिन का समय दिया गया है। तीन दिन में वह अपनी जांच रिपोर्ट सौंप देंगे, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अंकित खंडेलवाल, प्रभारी डीएम/सीडीओ