पकड़े जाने के बाद स्टाफ नर्स और अधीक्षक से बात करतीं एसडीएम।
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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस के मौके पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को एसडीएम महिमा राजपूत को स्टाफ नर्स के कमरे, स्कूटी व उनके बैग से बाहर की दवाएं मिली हैं। संदेह के आधार पर एक मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया है। एसडीएम ने बताया कि स्टाफ नर्स के निलंबन की संस्तुति करते हुए डीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
एसडीएम नायब तहसीलदार श्वेता जिंदल के साथ सीएचसी के कमरा नंबर 15 में पहुंचीं। यह स्टाफ नर्स पूनम शर्मा का कक्ष है। यहां बड़ी मात्रा में बाहर की दवाएं मिलीं। स्टाफ नर्स के बैग व स्कूटी से भी बाहर की दवाएं मिलीं। मौके पर एसीएमओ व ड्रग इंस्पेक्टर हेमंत चौधरी को बुलाया गया। इंस्पेक्टर को जांच में 41 तरह की दवाएं मिलीं। कुछ दवाएं ऐसी भी हैं, जिन्हें सिर्फ विशेषज्ञ चिकित्सक की निगरानी में ही दिया जा सकता है। एसडीएम ने बताया कि सभी दवाओं को सीज कर चीफ फार्मासिस्ट की सुपुर्दगी में रखवा दिया गया है।
संदेह के आधार पर अस्पताल के समीप एक मेडिकल स्टोर संचालक को भी मौके पर बुलाया गया, लेकिन वह दुकान बंद करके भाग गया। नायब तहसीलदार मयंक गोयल की मौजूदगी में औषधि निरीक्षक ने मेडिकल स्टोर को सील कर दिया। इस संबंध में अन्य कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए। शक है स्टाफ नर्स बरामद दवाओं को महिला मरीजों को देती थी। अस्पताल के स्टाफ ने पहले भी स्टाफ नर्स की शिकायत की थी।