शौचालय विहीन विद्यालयों में शौचालय की व्यवस्था की मांग को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ ने यहां खंड शिक्षा अधिकारी (नगर) के कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन कर उन्हें ज्ञापन दिया। शिक्षकोें ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई स्कूली बच्चा खुले में शौच करेगा तो शिक्षक इसके लिए जिम्मेदार नहीं होंगे। ऐसे तो उनकी तनख्वाह जुर्माने में ही चली जाएगी। संघ ने यह ज्ञापन डीएम और नगर आयुक्त को भी दिया है।
प्राथमिक शिक्षक संघ की नगर इकाई के पदाधिकारी व शिक्षक यहां नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर पहुंचे। वहां अध्यापक व अध्यापिकाओं ने नगर शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में नगर शिक्षा अधिकारी से शिक्षकोें ने कहा कि उनका यह आदेश कि यदि कोई बच्चा खुले में शौच करता मिलेगा तो इस पर संबंधित हेडमास्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी और जुर्माना उसी से वसूला जाएगा। पूरी तरह से गलत है।
संघ इसका विरोध करता है। ऐसे तो अध्यापकों की पूरी तनखाह जुर्माने में ही चली जाएगी। शहर के डेढ़ दर्जन से ज्यादा विद्यालयों में शौचालय नहीं हैं। संघ के पदाधिकारियोें ने कहा कि इस समस्या से खुद शिक्षक भी परेशान हैं। कई शिक्षिकाओं को तो पथरी हो गई है और अन्य बीमारियां हो गई हैं। इसलिए शौचालयविहीन विद्यालयों में शौचालय बनवाए जाएं। नगर शिक्षा अधिकारी ने हालांकि यह कहा कि जहां स्कूलों में शौचालय नहीं हैं, वहां वैकल्पिक इंतजाम हैं लेकिन शिक्षकों ने उनकी इस बात को सिरे से खारिज कर दिया। बाद में नगर शिक्षा अधिकारी ने उन्हें इस बारे में नगर निगम के अधिकारियोें से वार्ता करने का भरोसा दिलाया।
इस मौके पर संघ की महानगर इकाई के संरक्षक जैनुअ आबेदीन, अध्यक्ष अंसार कुरैशी, मंत्री अजयपाल सिंह, कोेषाध्यक्ष बिंदु शर्मा, श्रीनिवास सिंह, राजीव चौधरी, दानिश अख्तर, बदरुद्दीन, अर्चना पचौरी आदि मौजूद थे।