फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोग बोलते थे कि लड़की बेशर्म हो गई है, ऑस्कर विजेता स्नेहा का एएमयू में खुलासा

Fri, 29 Mar 2019 01:36 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
विज्ञापन
फाइल फोटो
विज्ञापन
डॉक्यूमेंट्री फिल्म पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस की ऑस्कर विजेता स्नेहा कहती हैं कि सैनेटरी पैड की यूनिट में काम शुरू किया तो बहुत परेशानी झेलनी पड़ी। लोग कहते थे कि लड़की बेशर्म हो गई है। इसको दूसरा काम नहीं मिला। 
विज्ञापन


हालांकि जब आस्कर मिला तो ताना मारने वाले लोग स्वागत करने को उमड़ पड़े। डॉक्यूमेंट्री फिल्म पीरियड एंड ऑफ  सेंटेंस ने शॉर्ट सब्जेक्ट डॉक्यूमेंट्री वर्ग में ऑस्कर अवार्ड जीता है। 25 फरवरी 2019 को अमेरिका के लॉस एंजिल्स में अवार्ड मिला था। 

यह फिल्म हापुड़ के काठीखेड़ा की बहु सुमन एवं बेटी स्नेहा की जिंदगी पर आधारित है। स्नेहा एवं सुमन अपनी पूरी टीम के साथ बृहस्पतिवार को एएमयू ड्रामा क्लब द्वारा आयोजित चार दिवसीय थियेटर महोत्सव के समापन समारोह में शामिल होने आई हैं। 
विज्ञापन


स्नेहा ने बताया कि गैर सरकारी संस्था एक्शन इंडिया द्वारा उनके यहां सैनेटरी पैड की यूनिट 2017 में लगाई गई। उन्होंने कल्पना तक नहीं की थी कि यह काम उन्हें पूरी दुनिया में मशहूर बनाएगा। 
 

लोग तरह-तरह की बातें करते थे और कोई दूसरा कार्य करने की सलाह देते थे। एक लड़की होने के बावजूद जब वह सैनेटरी पैड पर सार्वजनिक रूप से बात कर सकती हैं तो दूसरी लड़कियां हिचकिचाती क्यों हैं। 

यह महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सशक्तीकरण से जुड़ा मसला है। स्नेहा कहती हैं कि मुझे पापा का हमेशा सपोर्ट मिला। वह कहते थे कि लोगों की बातें मत सुनो। जो ठीक लगे, वही करो। 

जब ऑस्कर जीतकर लौटी तो ताना मारने एवं शिकायत करने वाले तमाम लोग हापुड़ में स्वागत करने आए थे। इस बदलाव को देखकर बहुत खुशी होती है।
विज्ञापन

बरात से ज्यादा आए स्वागत करने: सुमन

काठीखेड़ा की बहु सुमन कहती हैं कि उन्होंने ऑस्कर के बारे में सोच कर काम शुरू नहीं किया। उनकी कोशिश है कि महिलाएं 100 प्रतिशत सुरक्षित एवं निरोग रहें। ऑस्कर मिलने से यह फायदा हुआ कि अब सभी लोग हमें पहचानने एवं हमारी बातों को गैर से सुनने लगे हैं। 

अब पहले की तरह परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जब वह टीम के साथ ऑस्कर पुरस्कार समारोह में गई तो सामान्य महिला थी। 3 मार्च को जब उनकी टीम अमेरिका के लॉस एंजिल्स से वापस आ रही थी तो सुरक्षा दी गई थी। 

मेरे बरात में उतने लोग नहीं आए थे, जितने हवाई अड्डे पर स्वागत करने पहुंचे थे। सुमन के पति बैंक ऑफ बड़ौदा में सुरक्षा गार्ड है और उनका मायका नई दिल्ली में है। स्नेहा एवं सुमन के साथ उनकी टीम की शबाना, राखी, रुखसाना आदि आई हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें