सहपऊ की खंड शिक्षा अधिकारी ने डीएम और बीएसए के आदेश को ताक पर रख दिया है। स्थानांतरण आदेश के डेढ़ माह बाद भी उन्होंने कार्यभार छोड़कर नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। डीएम ने अग्रिम आदेशों तक बीईओ के वेतन आहरण पर रोक लगाते हुए उनकी अनुशासनहीनता की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
सहपऊ की बीईओ पूनम चौधरी कई महीनों से विवादों में हैं। आगरा में तैनाती के दौरान उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। पिछले दिनों शिक्षक संगठन ने उन पर भ्रष्टाचार सहित विभिन्न आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी। विवादों में घिरे होने के चलते 28 दिसंबर 2024 को डीएम के अनुमोदन पर बीएसए ने उनका स्थानांतरण नगर क्षेत्र में कर दिया था, जबकि बीईओ नगर क्षेत्र सुल्तान अहमद का स्थानांतरण बीईओ सहपऊ के पद पर किया गया था।
इसके बाद बीईओ सहपऊ विद्यालय समय में स्वजातीय शिक्षकों के साथ बैठक करने के आरोप में भी घिर गई थीं। शिकायत पर एसडीएम सादाबाद संजय कुमार, सीओ हिमांयु माथुर और तहसीलदार अंजली सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी। अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से पूर्व ही शिक्षक इधर-उधर हो गए थे। इस मामले ने खासा तूल पकड़ लिया था।
बीएसए स्वाति भारती ने आरोपी बीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया था। अब हैरानी की बात यह है कि डीएम के अनुमोदन व बीएसए के स्थानांतरण आदेश को ताक पर रखते हुए चौधरी ने बीईओ सहपऊ का कार्यभार नहीं छोड़ा है।
बीईओ सहपऊ के वेतन के आहरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी गई है। इस मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।- राहुल पांडेय, डीएम हाथरस।