स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन व पूर्व जिला जज उपेंद्र कुमार व वरिष्ठ सदस्य शाजिया सिद्दीकी की उपस्थिति में अदालत ने मंडलीय प्रबंधक, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, सेंटर प्वाइंट को मृतक किसान किशनलाल की पत्नी मिथलेश शर्मा को एक महीने में पांच लाख रुपये व ब्याज देने का आदेश दिया है। दरअसल, बीमा कंपनी ने काल बाधित होने के चलते मुख्यमंत्री किसान व सर्वहित बीमा योजना के तहत किए गए मिथलेश के दावे को रद्द कर दिया था।
क्या है मामला
अतरौली के गांव वैमवीरपुर निवासिनी मिथलेश के अनुसार, पति किशनलाल 29 अगस्त 2018 की रात घर में सो रहे थे, तभी अज्ञात चोरों द्वारा सामान चुराए जाने के दौरान विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी गई। अतरौली थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। पोस्टमार्टम हुआ। मृतक परिवार के मुखिया, संक्रमणीय सह भूमिधर व किसान थे। कानूनी वारिस होने के नाते मैंने मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना की धनराशि प्राप्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया, जिसे बीमा कंपनी ने 24 मई 2019 को दावा विलंब से प्राप्त होने के आधार पर खारिज कर दिया। काफी लिखा-पढ़ी करने के बाद बीमा का लाभ नहीं मिल पा रहा था। आखिरकार, मैंने स्थायी लोक अदालत की शरण ली।
हाईकोर्ट के फैसले को बनाया नजीर
स्थायी लोक अदालत की वरिष्ठ सदस्य शाजिया सिद्दीकी ने बताया कि अदालत के चेयरमैन उपेंद्र कुमार ने बीमा लाभ को लेकर दिए गए हाईकोर्ट के फैसले को नजीर मानकर अपना फैसला सुनाया। शाजिया ने कहा कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने बीमा योजना के संबंध में तीन वर्ष की सीमा अवधि पर विचार किए जाने पर, हरी चंद्र की 29 अगस्त 2018 को मृत्यु होने के बाद दावा बीमा कंपनी के कार्यालय में प्राप्त होने की तिथि 7 जनवरी 2019 से स्पष्ट होती है, जो निर्धारित सीमा अवधि के तहत होना प्रकट होता है। इसलिए बीमा कंपनी के दावे के काल बाधित होने का जो निष्कर्ष प्राप्त किया गया है, वह स्थिर रहने योग्य नहीं है और खंडित किए जाने योग्य है। मृतक किशनलाल की पत्नी को पांच लाख रुपये की धनराशि एक महीने के अंदर भुगतान करें, वर्ना निर्णय की तिथि से वास्तविक रूप से भुगतान होने की तिथि तक कंपनी को सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।