कोरोना संक्रमित लोगों में से 70 फीसदी मरीज बिना लक्षण वाले पाए जाने पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हैरान है। प्रशासन को आशंका है कि ये लोग खांसी, बुखार या जुकाम होने पर मेडिकल स्टोर से लेकर दवा खा ले रहे हैं, जिससे उनके लक्षण छिप जा रहे हैं, इस पर ये लोग खुद को स्वस्थ मान रहे हैं।
मगर, जांच में लक्षण रहित कोरोना संक्रमित पाए जा रहे हैं। इसको लेकर मेडिकल स्टोर्स संचालकों को सख्त आदेश दिए गए हैं कि वह बिना डॉक्टर के पर्चे के किसी को भी दवा न दें। डॉक्टर का पर्चा होने पर भी जिन मरीजों को दवा दी जा रही है, उनका नाम-पता, मोबाइल नंबर दर्ज करें।
पैरासिटामॉल, डेरीफाइलीन, कफ संबंधी सिरप, एजिथ्रोमाइसीन, डाक्सी, विटामिन सी, विटामिन डी, जिंक, हाइड्रॉक्सी क्लोरोक्वीन को खरीदने से पहले डॉक्टर का पर्चा दिखाना होगा। मेडिकल स्टोर संचालक बिक्री और स्टाक का पूरा रिकॉर्ड भी रखेंगे। अधिकारियों का कहना है कि कोरोना काल में इन दवाओं की बिक्त्रस्ी कई गुना बढ़ गई है। ड्रग इंस्पेक्टर हेमेंद्र चौधरी कोरोना काल में मेडिकल स्टोर्स संचालकों को हर दवा का रिकार्ड रखने का आदेश है। बिना डाक्टर के पर्चे के दवा देने पर कार्रवाई तक की जा सकती है।