जवां, लोधा और खैर थाना क्षेत्र में गांवों में जहरीली शराब के सेवन से हुईं मौतों के मामले में डीएम चंद्रभूषण सिंह ने एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल को मजिस्ट्रेटी जांच सौंपी है। डीएम ने 15 दिन के भीतर जांच आख्या मांगी है। एडीएम प्रशासन की ओर से बयान दर्ज कराने के लिए घटना से संबंधित सभी लोगों को अपने-अपने बयान दर्ज कराने के लिए शनिवार को नोटिस जारी होंगे। एडीएम प्रशासन ने कहा कि घटना के हर पहलू पर बारीकी से जांच शुरू कर दी गई। पहले सभी साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। इसके अलावा आबकारी, पुलिस विभाग सहित मृतकों के परिवार वालों, गांव वालों, शराब की दुकान के सेल्समैन, अनुज्ञापी के बयान लिए जाएंगे। इन सभी को आपस में जोड़कर देखा जाएगा। इसके बाद निष्कर्ष के आधार पर रिपोर्ट तैयार होगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह सबसे पहले करसुआ, लोधा में जहरीली शराब के सेवन से पांच लोगों की मौत की सूचना मिली थी। इस पर प्रशासनिक अमले सहित वह स्वयं मौके पर पहुंचे। थोड़ी ही देर बाद जवां के छैरत, खैर के अंडला में भी मौतों की सूचना मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव को जानकारी दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आदेश है कि दोषियों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई सहित उनकी संपत्ति की कुर्की की जाए। उसे नीलाम कर पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए। इस आदेश पर अमल किया जाएगा। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल को दी गई है। वह 15 दिन के भीतर पूरी जांच करके रिपोर्ट देंगे। कार्रवाई के लिए उसे आधार बनाया जाएगा।