करीब एक दशक से चल रहे जमीन पर अवैध कब्जा करने के मामले में फर्जी रिपोर्ट लगाने वाले तत्कालीन लेखपालों व राजस्व निरीक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए डीएम ने एसडीएम अतरौली व गभाना को आदेश दिए हैं। इनमें एक गभाना में कार्यरत है, जबकि एक लेखपाल और राजस्व निरीक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
अतरौली निवासी आनंद बिहारी गर्ग पुत्र बांके लाल गर्ग एक दशक से महाविद्या काॅलोनी मथुरा में रहते हैं। उनकी जमीन पुराना रामघाट रोड अतरौली के निकट है। आरोप है कि उनकी जमीन पर अतरौली के ही साहब सिंह लोधी निवासी मोहल्ला सरायवली ने अन्य लोगों की मदद से कब्जा कर लिया था। साहब सिंह लोधी ने नगर पालिका परिषद की कब्रिस्तान की जमीन पर भी कब्जा कर उस जमीन का बैनामा गांव गाजीपुर की तीन महिलाओं समेत अपनी पत्नी के नाम कर दिया।
आनंद बिहारी गर्ग इस मामले को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर अधिकारियों को कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पालिका की ईओ वंदना शर्मा के आदेश पर निर्माण लिपिक राजकुमार वर्मा ने साहब सिंह आदि के खिलाफ धोखाधड़ी कर जमीन पर अवैाध कब्जा करने की रिपोर्ट एक माह पहले रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
15 मई 2024 को डीएम ने तत्कालीन लेखपाल प्रेमचंद व नरेंद्र होल्कर पर विधिक कार्रवाई और राजस्व निरीक्षक भंवर सिंह सहित सुरेश बाबू व सुनील कुमार पर विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सुनील कुमार वर्मा तहसील गभाना में कार्यरत हैं। लेखपाल भंवर सिंह 31 अक्तूबर 2022 में तथा सुरेश बाबू 31 मार्च 2018 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। एसडीएम अनिल कटियार ने बताया कि थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने व विभागीय कार्रवाई तहसीलदार द्वारा की जा रही है।
- जमीन पर अबैध कब्जा करने वालों को अतरौली तहसील प्रशासन की मदद नहीं मिलती तो यह लोग उनकी जमीन पर अवैध कब्जा नहीं कर पाते। अब न्यायालय व जिला प्रशासन से पूरा न्याय मिलने की उम्मीद है।- आनंद बिहारी गर्ग।