एसएसपी के साथ वार्ता करने वाले नेताओं में शामिल डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह, आचार्य भरत तिवारी, ज्ञानेंद्र चौहान, सत्यकांत भारद्वाज, राकेश शर्मा, अशोक पांडेय आदि ने कहा कि पुलिस ऐसे लोगों के घरों पर भी दबिश दे रही है, जो वहां नहीं थे। पूछताछ के नाम पर थर्ड डिग्री दी जा रही है। एक गाड़ी में चार लोग नियमों के विरुद्ध मीट लेकर जा रहे थे, कुछ राहगीरों ने रोकने का प्रयास किया तो उन्हें कुचलने का प्रयास किया। इसी गुस्से में वहां घटना हुई।
इन नेताओं ने अकराबाद व हरदुआगंज पुलिस को इस घटना के लिए दोषी करार देते हुए कहा कि शिकायत के बावजूद मीट व्यापारियों पर कार्रवाई नहीं होती। एसएसपी ने उन्हें उचित जांच व किसी निर्दोष को परेशान न किया जाने का भरोसा दिलाया। उन्हें बताया कि कमिश्नर-डीआईजी स्तर से भी व्यापारिक नियमों को लेकर जांच कराई जा रही है। प्रदर्शन में अकराबाद ब्लॉक प्रमुख ठा. राहुल सिंह, हसायन ब्लाक प्रमुख डीपी सिंह, बंटी जादौन, रिंका ठाकुर, नरेश ठाकुर, राजशेखर सेंगर, मोहन चौहान, कविता राघव, भावना चौहान, अनीता सिंह, गौरी पाठक, कौशल सिंह आदि थे।
जब एसएसपी कार्यालय के गेट पर कार्यकर्ता धरना दे रहे थे, तभी सीओ छर्रा वहां पहुंचे। तभी उनको देख कुछ कार्यकर्ता गाड़ी के आगे लेट गए। जमकर नारेबाजी की। जिन्हें पुलिसकर्मियों ने हटाया।
एसएसपी ने कहा, ऐसे दबाव में आने वाला नहीं
जब बाहर धरना दे रहे लोगों का हंगामा बढ़ा तो एसएसपी संजीव सुमन धरना स्थल पर आ गए। उन्होंने आते ही सख्त लहजे में कहा कि मैं इस हंगामे या अन्य किसी के दबाव में नहीं आने वाला। कानून व्यवस्था को हाथ में लोगे तो कार्रवाई करूंगा। मैं आपसे मिलने को तैयार हूं। पौन घंटे से अंदर इंतजार कर रहा हूं। बार-बार आपको अंदर बुला रहा हूं। अंदर आइए, आपसे बात होगी। मान रखते हुए चाय-पानी भी पिलाया जाएगा, लेकिन ऐसे शोर शराबा ठीक नहीं है। इसके बाद कुछ नेता बातचीत के लिए अंदर चले गए।