एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री व सहायक रणधीर चौधरी ने इगलास क्षेत्र में हस्तपुर के पास बाला क्लीनिक, बंगाली क्लीनिक व शिव हॉस्पिटल को देखा। यहां टीम के आने से पहले ही क्लीनिक बंद कर संचालक भाग गए।
पंजीकरण दस्तावेज और व्यवस्थाओं की जांच के लिए 28 जुलाई को एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री ने आधा दर्जन क्लीनिक और नर्सिंग होम का जायजा लिया। टीम के आने से पहले ही पांच क्लीनिक-नर्सिंग होम के संचालक भाग निकले। छठवें में डॉक्टर मौजूद मिले। इन सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। इनके प्रपत्र पूरे नहीं हैं, उन्हें पूरा कराने के लिए कहा गया है। दो अल्ट्रासाउंड सेंटर भी देखे।
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एसीएमओ डॉ. दिनेश खत्री व सहायक रणधीर चौधरी ने इगलास क्षेत्र में हस्तपुर के पास बाला क्लीनिक, बंगाली क्लीनिक व शिव हॉस्पिटल को देखा। यहां टीम के आने से पहले ही क्लीनिक बंद कर संचालक भाग गए। तीनों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके बाद इगलास में बेसवां के पास गायत्री क्लीनिक, अशोक चिकित्सालय व एनआर नर्सिंग होम को देखा। इसमें से गायत्री क्लीनिक में डॉक्टर मिले, बाकी दोनों के संचालक भी भाग निकले। सभी को नोटिस दिए गए हैं। इसके अलावा, देवकी व चमेली देवी अल्ट्रासाउंड सेंटर भी देखे गए। मगर वहां जांच में सब ठीक मिला है। एसीएमओ के अनुसार जिनके प्रपत्र पूरे नहीं होंगे। उन पर कार्रवाई की जाएगी।
जिले में अब तक 153 के ही पंजीकरण
फायर एनओसी व एमसीए में रजिस्ट्रेशन की बाध्यता ने नर्सिंग होम-क्लीनिकों के पंजीकरण में कमी ला दी है। जिले में छह सौ के आसपास नर्सिंग होम, क्लीनिक संचालित हैं। जिनमें से अब तक सिर्फ 153 का ही चालू वर्ष में पंजीकरण हो पाया है। बाकी 105 आवेदन लंबित हैं। 400 के आसपास आवेदन फायर एनओसी व एमसीए में रजिस्ट्रेशन न होने के कारण निरस्त किए गए हैं। जिन्हें इनकी पूर्ति का समय दिया गया है। इसी क्रम में चेकिंग अभियान जारी है।