अलीगढ़ के भवीगढ़ में जियो बॉक्स लगाती टीम।
- फोटो : Amar Ujala
क्षेत्र के गांव भवीगढ़ में तेल के तत्वों की तलाश में एक बार फिर ओएनजीसी की टीम ने मंगलवार को डेरा जमा लिया है। यह टीम गांव सुनामई, खेड़ा खुर्द, भवीगढ़, अहमदपुरा, पहाड़ीपुर आदि गांवों में करीब तीस किलोमीटर की दूरी तक हर बीस मीटर पर जियो बॉक्स लगा रही है। सेटेलाइट व जीपीएस के जरिए यहां तेल तत्वों की तलाश की जाएगी। दिल्ली सेंटर से जीपीएस के माध्यम से इसकी निगरानी की जा रही है।
मंगलवार को टीम के करीब सौ से अधिक मजदूर गांवों में पहुंचकर जियो फोन बॉक्स लगाने में जुट गए हैं। सेटेलाइट के जरिए एक ही सीध में हर बीस मीटर पर करीब एक हजार से अधिक बॉक्स लगाए गए हैं। तीन दिन बाद बड़ी ड्रिल मशीन आएगी। जहां पर सबसे अधिक तेल तत्वों की संभावना नजर आएगी वहां पर इस मशीन के जरिए खुदाई होगी। वैसे अब तक टीम को यहां खनिज तत्वों की अधिक संभावना मिली है। इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ लगी रही।
25 जुलाई को गांव भवीगढ़ निवासी राजवीर सिंह के खेत में ओएनजीसी की टीम ने पहुंचकर खुदाई शुरू की थी। दावा किया जा रहा था कि सेटेलाइट के माध्यम से भवीगढ़ क्षेत्र में तेल तत्वों की मात्रा मिली थी। एशियन ऑयल फील्ड के भू वैज्ञानिक संजीव कुमार व टीम चीफ हरदेश तिवारी के नेतृत्व में सुनामाई, अहमदपुरा, खुर्द खेड़ा व भवीगढ़ में हर तीन किलोमीटर पर खुदाई करके सैंपल लिए गए थे।
भवीगढ़ में अधिक संभावना पर खुदाई शुरू हुई लेकिन बारिश के चलते काम बंद कर दिया गया था। टीम ने यहां से कुछ सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। काम की देखरेख कर रहे राजकुमार, प्रमोद व भैयाजी के अनुसार अभी डब्ल्यूआरयू जियो बॉक्स के माध्यम से दिल्ली में बैठी टीम सेटेलाइट के माध्यम से निगरानी कर रही है।
टीम जब कोई निर्णय लेगी तब तीन दिन बाद ड्रिल मशीन से खुदाई होगी। केरोसिन निकलने की खबर पर भवीगढ़ में तमाम गांवों के लोगों की भीड़ जमा हो गई है। लोग दूर-दूर से यहां हो रहे कार्य को देखने पहुंच रही है।