तालानगरी की जर्जरहाल सड़क का मुद्दा बुधवार को जिला स्तरीय उद्योग बंधु की बैठक में भी जोरशोर से उठा। अमर उजाला ने इस मुद्दे को लेकर बैठक में प्रशासन के सक्षम स्थानीय निवासियों और वाहन सवारों का दर्द बयां किया।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रभारी जिलाधिकारी एवं सीडीओ दिनेश चंद्र को एक हजार लोगाें के हस्ताक्षर पत्र सौंपे गए, जो जिला प्रशासन के माध्यम से अब सीएम योगी आदित्य नाथ को भेजे गए हैं। अमर उजाला ने रविवार को यूपीएसआईडीसी सेक्टर वन के चौराहे पर शिविर लगाकर राहगीरों और वाहन सवारों से सड़क बनवाने के लिए एक हजार हस्ताक्षर करवाए थे। प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि वह सभी हस्ताक्षर पत्र सीएम कार्यालय को भेजकर सड़क बनवाने की प्रक्रिया शुरू करने की मांग करेंगे। इसके लिए धनराशि आवंटन की मांग होगी। उन्होंने मौके पर ही पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से भी बात की। जिसमें बताया गया कि बजट का इंतजार है। बोले, इस संबंध में जिलाधिकारी को अवगत कराकर उनके स्तर से भी कार्यवाही कराई जाएगी। ताकि जल्द से जल्द सड़क का निर्माण हो सके। तालानगरी औद्योगिक एसोसिएशन के चेयरमैन चंद्रशेखर शर्मा ने उद्यमियों की ओर से ये हस्ताक्षर पत्र प्रभारी जिलाधिकारी को सौंपे।
काम नहीं हुआ तो सीएम से मिलने जाऊंगा : सतीश
सांसद सतीश गौतम ने कहा है कि इस सड़क के मुद्दे को अमर उजाला ने सबसे पहले बेहद प्रमुखता के साथ उठाया है। इसके बाद उन्होंने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से प्रस्ताव भेजने को कहा है। बोले, उम्मीद है कि 15 दिन में सड़क का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पीडब्ल्यूडी के मंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिलकर सड़क की धनराशि लाई जाएगी। हर हाल में सड़क जल्द से जल्द बनवाई जाएगी।
सीएम के जनसुनवाई पोर्टल में पहुंचा मामला
सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीर सक्सेना ने तालानगरी की मरम्मत की मांग जिला प्रशासन से की। मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत भी की थी। जिसकी शिकायत संख्या 40014317006273 है। शिकायत के बाद पता चला कि रोड का गड्ढा मुक्त करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने 50 लाख रुपये की आवश्यकता बताई है, जिसकी मांग विभाग द्वारा प्रदेश सरकार से की गई। परंतु अब तक ये धनराशि न मिल पाने के कारण मरम्मत नहीं हो सकी। शिकायत आख्या एवं कार्यवाही के लिए चार सितंबर को जिलाधिकारी को भेज दी गई है। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में प्रकरण एसीएम रेनू सिंह ने सुना। जिसमें प्रवीर सक्सेना ने मांग की कि इस विषय पर प्रदेश सरकार को जाने वाली आख्या के साथ जिलाधिकारी का भी एक पत्र सलंग्न करके प्रदेश सरकार को भेजें, ताकि धनराशि मिले और रोड के गड्ढे भरे जा सकें।
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता एवं एडवोकेट प्रतीक चौधरी ने कहा है कि वह इस सड़क के मुद्दे पर जनहित याचिका दायर करेंगे। जिससे पूरे प्रकरण में विभागीय जिम्मेदारी तय हो सके। सड़क निर्माण व जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई हो।
हटाए गए गैरजरूरी स्पीड ब्रेकर
तालानगरी में दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने बनाए गए नए स्टाइल के स्पीड ब्रेकरों को बुधवार से हटाया जाने लगा है।
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के सचिव डीएस भदौरिया ने बताया कि रोड पर डिवाइडर बनाते वक्त वाहनों की तेज रफ्तार को देखते हुए स्पीड ब्रेकर लगाए गए थे। अब डिवाइडर का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इसलिए इनको हटाया जा रहा है। गौर हो कि अमर उजाला ने सबसे पहले जर्जरहाल तालानगरी की डेढ़ किमी सड़क पर 15 स्पीड ब्रेकर होने का मुद्दा 28 अगस्त के अंक में प्रमुखता के साथ उठाया था। दूसरे दिन एडीए सचिव ने कहा कि गैरजरूरी स्पीड ब्रेकर हटाए जाएंगे। छह सितंबर को स्पीड ब्रेकर हटाने का काम शुरू हुआ।