कोरोना काल में आई दूसरी लहर के चलते लगाए गए लॉकडाउन में बेरोजगार हुए दिहाड़ी मजदूरों को एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि मिलेगी। जिला प्रशासन ने 73288 मजदूरों को चिह्नित किया है। प्रशासन ने इन सभी मजदूरों का डाटा कोषागार के ई-कुबेर पोर्टल पर अपलोड किया है। इनमें चार हजार प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद इन मजदूरों के खाते में धनराशि जारी हो जाएगी।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ठेला, खोमचा, रेहड़ी लगाने वाले पटरी दुकानदारों, इसमें रिक्शा चालक, पल्लेदारों, नाविकों, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परंपरागत दिहाड़ी मजदूरों को एक माह के लिए एक हजार रुपये भरण-पोषण भत्ता देने की घोषणा की है। जिलेभर में ऐसे 73288 मजदूरों चिह्नित किया है। इन सभी का डाटा कोषागार के पोर्टल ई-कुबेर पर अपलोड कर दिया है। अब शासन की स्वीकृति मिलते ही कोषागार से एक-एक हजार की धनराशि भेज दी जाएगी। इन मजदूरों का चिह्किरण डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी में शामिल सीडीओ, एडीएम वित्त एवं राजस्व, मुख्य कोषाधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकार, नगर आयुक्त, ईओ, सिटी मजिस्ट्रेट, डीएसओ, जिला सूचना अधिकारी व पंचायती राज अधिकारी ने किया है।