महेशपुर गांव में कटी नहर को देखते लोग।
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नहर एवं माइनरों की सफाई के नाम पर लापरवाही बर्बादी का सबब बन रही है। बुधवार को ऐसी ही लापरवाही के चलते गांव महेशपुर में माइनर कट गया और करीब एक हजार बीघा गेहूं व सब्जी की फसल बर्बाद हो गई। तेज बहाव से अचानक फूटा पानी हजारों बीघा फसल को अपनी चपेट में लेते हुए गांव बरहैती तक पहुंच गया। यही नहीं अनूपशहर रोड स्थित पेट्रोल पंप के समीपवर्ती कालोनी में भी पानी भरने लगा। इसे देखते हुए नगर निगम की टीम भी मौके पर पहुंच गई। देर सायं सिंचाई विभाग की टीम ने बंबे में मिट्टी डलवाकर बहाव रोका।
गांव महेशपुर के पूर्व प्रधान शेर सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग ने रठगांव की तरफ से आ रहे बंबे एवं नाले की सफाई की थी। थोड़ी बहुत सफाई के बाद बिना बंबे की कमजोर पटरी पर नजर डाले बुधवार को एकाएक पानी छोड़ दिया गया। जबकि आगे का नाला सफाई न होने की वजह से चोक पड़ा था। पानी आते ही बंबा उसका दबाव न झेल पाया और पानी खेतों में भरने लगा। ग्रामीणों ने तत्काल सिंचाई अफसरों को सूचना दी। वे वहां आए, लेकिन कुछ नहीं किया। देखते ही देखते पानी ने समूचे गांव के 50-60 किसानों की करीब एक हजार बीघा गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। किसानों ने एक सप्ताह पहले ही जमीन में गेहूं का बीज डाला था और अब उसमें से कुल्ले फूटने लगे थे। यह सब बह गया। सब्जियां भी बह गई तो खेतों के बुर्जी बिटौरों में बरसीम भी बह गई। ग्रामीण करन सिंह ने बताया कि देर सायं सिंचाई विभाग की टीम ने जेसीबी से बंबे में मिट्टी डलवाकर उसे ठीक कराया है।