चौकी पर शिकायत के बाद महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया, लेकिन 15 दिन बीतने पर मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई नहीं की गई। बल्कि बार-बार चौकी जाने पर उन्हें टहलाया जाता रहा।
मुख्यमंत्री के जनसुनवाई को लेकर दिए गए निर्देश के क्रम में एसएसपी नीरज जादौन ने 19 फरवरी को जनसुनवाई में तल्ख तेवर दिखाए। शिकायतों व कार्रवाई न करने के आरोपों में खैर के एक दरोगा को निलंबित कर दिया। वहीं, अकराबाद के दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया।
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एसएसपी नीरज जादौन अपने कार्यालय में जनसुनवाई कर रहे थे। तभी एक शिकायत खैर के शिवाला चौकी क्षेत्र से आई। जहां पीड़ित पक्ष ने बताया कि महिला के साथ कुछ लोगों ने मारपीट करते हुए अश्लील हरकत की। इसका वीडियो भी उनके पास सुरक्षित है।
चौकी पर शिकायत के बाद महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया, लेकिन 15 दिन बीतने पर मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई नहीं की गई। बल्कि बार-बार चौकी जाने पर उन्हें टहलाया जाता रहा। साथ में समझौता करने की सलाह दी जाती रही। इसी शिकायत को सुनते हुए एसएसपी ने तत्काल सीओ खैर को मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने व आरोपियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ में शिवाला चौकी प्रभारी विनोद कुमार का निलंबन आदेश जारी कर दिया।
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इसके कुछ देर बाद एक शिकायत अकराबाद से आई। जहां चार माह पहले दर्ज हुए हमले के मामले में नामजद आरोपियों को आज तक न पकड़े जाने का आरोप लगा। जांच में यह भी पाया गया कि दो आरोपी इस बीच अदालत से स्थगनादेश ले आए। वहीं, दरोगा पर यह भी आरोप लगा कि दबिश देने आदि के नाम पर दरोगा ने वादी पक्ष से 16 हजार रुपये भी ले लिए।
इस शिकायत पर भी उन्होंने तत्काल दरोगा प्रशांत कुमार को लाइन हाजिर करने का आदेश दिया। साथ में इंस्पेक्टर अकराबाद को इस संबंध में 15 दिन में कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। बता दें कि बुधवार को ही मुख्यमंत्री ने कुछ जिलों को लेकर मिल रही शिकायतों पर जनसुनवाई को बेहतर बनाने व उसकी मॉनीटरिंग कराने के निर्देश दिए हैं।