दादरी से फरार बाइक बोट कंपनी ने शहर के भाजपा नेता को भी एक करोड़ की चपत लगाई है। कंपनी के पदाधिकारियों ने उन्हें बातों में फंसाकर एक करोड़ रुपये में 100 बाइक वोटों की एक फ्रे ंचाइजी दी। 51 लाख रुपये की प्रथम किस्त लेने के बाद कंपनी ने 51 बाइक वोटों की एक खेप तो भेज दी। मगर, 50 लाख रुपये की दूसरी किस्त मिलते ही कंपनी फरार हो गई। इतना ही नहीं, चार महीने में 51 बाइकों के संचालन, ड्राइवरों के वेतन और कमीशन का भुगतान तक नहीं किया। अब भाजपा नेता के भतीजे की तहरीर पर बन्नादेवी थाना पुलिस ने कंपनी के 12 पदाधिकारियों के खिलाफ ठगी की धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
बन्नादेवी इलाके के खैर बाईपास के रहने वाले भाजपा नेता अरुण फौजी के अनुसार अक्तूबर 2018 में दादरी की एक गार्वित इनोवेटि व प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी के चार प्रतिनिधियों ने मुलाकात की और प्रस्ताव दिया कि कंपनी बाइक वोट कंपनी की एक फ्रेंचाइजी अलीगढ़ में खोलना चाहते हैं। फ्रेंचाइजी लेने वाले को बाइक की कीमत बतौर सिक्योरिटी जमा करानी होगी। बाइक को बतौर टैक्सी शहर में चलवाने के लिए कंपनी की ओर से पेट्रोल, चालक और रखरखाव का भुगतान किया जाएगा। बाइक टैक्सी से होने वाली कमाई का तीन प्रतिशत हिस्सा फ्रेंचाइजी स्वामी का होगा। इस प्रलोभन में फंसकर कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ भतीजे विकास कुमार के नाम पर एक करोड़ रुपये में फ्रेंचाइजी ले ली। 51 लाख की पहली किस्त मिलने पर कंपनी ने 51 बाइकें भेज दीं। इसके बाद अन्य 50 बाइकों के लिए 50 लाख की दूसरी किस्त लेने के बाद टालमटोल करने लगे। पहले माह कंपनी उन बाइकों के संचालन का करीब 15 लाख का भुगतान किया। इसके बाद कंपनी ने भुगतान करना बंद कर दिया और दूसरे माह कंपनी के प्रतिनिधि दादरी से ऑफिस खाली करके भाग गए।
इस मामले में कंपनी के एमडी धर्मेंद्र कुमार भारद्वाज निवासी बुर्जा नगर, बुलंदशहर इसके भाई सनी भारद्वाज सहित कंपनी मालिक संजय भाटी, राजेश भारद्वाज, करनपाल सिंह, विजय पाल सिंह विनोद कुमार, विजय कसाना, हरीश कुमार, राजेश कुमार यादव, धर्मेंद्र भारद्वाज, सनी भारद्वाज पर मुकदमा लिखवाया है। तहरीर के अनुसार अरुण फौजी ने यह रकम खुद अपने पास से व अन्य अपने कई परिचितों से कर्ज आदि पर लेकर उन्हें दी थी। इंस्पेक्टर बन्नादेवी अरुणा राय ने मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की है। तहरीर के अनुसार इस कंपनी ने ऐसा कई शहरों में किया है और कई लोगों से करोड़ों रुपये लेकर यह लोग गायब हो गए हैं। इन लोगों ने पहले ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिये प्रलोभन देकर लोगों को फंसाया था।
स्टार्टअप हुआ चौपट, आठ बाइकें सौ रुपये रोज के किराए पर दौड़ रहीं
भाजपा नेता अरुण फौजी के अनुसार कंपनी के द्वारा ठगी करने के बाद स्टार्ट चौपट हो गया। वर्तमान में अब शहर में सिर्फ आठ बाइक वोट टैक्सी चलवाई जा रही हैं। प्रति बाइक चालक से 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से किराया लिया जा रहा है। बाइक ले जाने वाले को खुद ही पेट्रोल और मेंटीनेंस का खर्च उठाना होता है।