बाईपास पर रोड होल्डअप कर लूटे राहगीर
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सर्द रात और कोहरे में बदमाशों ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया है। शनिवार रात क्वार्सी-गांधीपार्क के बॉर्डर पर बाईपास स्थित पानखानी पर रोड होल्डअप कर हथियारबंद बदमाशों ने आधा दर्जन से अधिक राहगीरों से नकदी आदि माल लूट लिया। इस दौरान राहगीरों को जमकर पीटा गया और हाथ पैर तक बांध दिए गए। खास बात यह रही कि इस दौरान लैपर्ड चंद कदमों की दूरी पर आग पर तापती रही। इसी बीच एक राहगीर ने बदमाशों के चंगुल से छूटकर शोर मचाया, तब ग्रामीण आए और बाद में पुलिस पहुंची।
भदेसी भट्ठा के निकट गुजर रहे राहगीरों को पानखानी के पास वहां खड़े आधा दर्जन बदमाशों ने घेर लिया। बदमाश एक के बाद एक राहगीर को लूट का शिकार बनाते रहे। जो भी राहगीर आता उसे बदमाश तमंचे के बल पर रोक लेते उसके बाद सड़क किनारे ले जाकर हाथ-पैर बांधकर गड्ढे में डाल देते। गांव पानखानी के डॉक्टर मलखान सिंह शहर से गांव जा रहे थे। उन्हें भी बदमाशों ने हाथ-पैर बांधकर डाल दिया और जेब में रखे करीब साढ़े सात सौ रुपये निकाल लिए।
इसके बाद इसी गांव के बैंक कर्मी सौरभ पुत्र सुमन प्रकाश को भी रोक लिया। इनके पास से साढे़ बारह सौ रुपये और गजक लूटकर खा ली। गांव इशनपुर और कौंछोड़ के दूध कारोबारियों से भी हजारों की नकदी लूट ली। करीब एक दर्जन राहगीरों से बदमाशों ने जमकर लूटपाट की। यह सिलसिला रात करीब आठ बजे से शुरू हुआ और देर रात तक चलता रहा। इसी बीच किसी तरह एक राहगीर ने अपने हाथ खोल लिए और भागकर गांव भदेसी पहुंच गया वहां जाकर शोर मचा दिया।
शोर शराबा सुनकर ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों को आता देख बदमाश मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों ने गड्ढे में पड़े राहगीरों के हाथ-पैर खोलकर मुक्त कराया। बदमाश बहुत आराम से लूटपाट कर रहे थे और 100 मीटर की दूरी पर खड़ी लैपर्ड को इसकी भनक तक नहीं थी। रात को ही सूचना पुलिस को भी दी। बाद में सीमा विवाद में फंसी पुलिस पीड़ितों को टालती रही। इंस्पेक्टर गांधीपार्क का कहना है कि उनके पास कोई पीड़ित नहीं आया।