कस्बा स्थित रोडवेज बस स्टैंड के सामने क्लीनिक संचालित करने वाले चिकित्सक डॉ. विनय उपाध्याय ने न्यायालय के आदेश के बाद थाना सादाबाद में विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले में सात नामजदों सहित 35-40 अज्ञात लोगों को आरोपित किया गया है।
रिपोर्ट में विनय उपाध्याय का आरोप है कि 20 नवंबर 2025 को दोपहर लगभग 2.30 बजे महाराज सिंह निवासी गढ़ी हररूप भाग नौगवां थाना सादाबाद अपनी पत्नी के साथ उनके क्लीनिक पर उपचार के लिए आए थे। बताया गया कि महाराज सिंह छत्तीसगढ़ पुलिस में कांस्टेबल पद पर तैनात थे।
चिकित्सक के अनुसार जांच में मरीज के प्लेटलेट काउंट 51 हजार मिले, जिसके बाद उन्हें उपचार दिया गया। 22 नवंबर को पुनः जांच में प्लेटलेट काउंट 91 हजार आए। हालांकि बुखार बना रहा। चिकित्सक का कहना है कि उन्होंने मरीज को विशेषज्ञ को दिखाने की सलाह दी। इसके बाद मरीज अन्य अस्पतालों में भर्ती हुए और 24 नवंबर 2025 को आगरा के प्रभा अस्पताल में उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। आगरा में पोस्टमार्टम भी कराया गया।
डॉ. उपाध्याय का आरोप है कि 26-27 नवंबर को चंद्रप्रकाश व अन्य लोग उनके क्लीनिक पर आए और 10 लाख रुपये की मांग करते हुए धमकी दी। साथ ही 26 नवंबर से सोशल मीडिया पर उनके विरुद्ध फर्जी डॉक्टर व फर्जी लैब संबंधी पोस्ट डालकर छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।
आरोप है कि 29 नवंबर 2025 को नामजद आरोपी चंद्रप्रकाश, महीपाल, पुष्पेंद्र, सचिन, नफीस, पिंकू, ईशान सहित अन्य 35-40 लोगों ने क्लीनिक के बाहर धरना-प्रदर्शन व नारेबाजी की। चिकित्सक का कहना है कि इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान 9 दिसंबर 2025 को उनकी पत्नी का निधन हो गया। कोतवाल विजय कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के निर्देशानुसार रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। संवाद