कोरोना के बढ़ते प्रसार को देखते हुए जिला प्रशासन ने साफ किया कि अब न सिर्फ गांव बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी निगरानी समितियों के माध्यम से स्क्रीनिंग होगी। साथ ही लोगों को दवाओं की किट भी मुहैया कराई जाएगी। देहात की जिम्मेदारी एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल और शहर में क्षेत्रीय मजिस्ट्रेटों को सौंपी है।
कोरोना संक्रमित होने के चलते डीएम चंद्रभूषण सिंह होम आइसोलेट हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने कोरोना की रोकथाम के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा की। इसमें उन्होंने जिले की स्थिति के विषय में स्वास्थ्य एवं प्रशासन के अधिकारियों वार्ता की। तय किया कि निगरानी समितियों के माध्यम से पिछले वर्ष की भांति स्क्रीनिंग कराई जाए, जिस व्यक्ति में गंभीर लक्षण दिखाई दें, उसकी जांच कराई जाए।
साथ ही खांसी, बुखार, जुकाम से पीड़ित लोगों को दवाओं की किट का वितरण किया जाए। प्रत्येक गांव में कम से कम 50 लोगों को दवा किट दी जाए। इसकी जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ता की रहेगी। निर्देश दिए कि एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल ग्रामीण व नगर निकाय क्षेत्र में दवा किट वितरण का पर्यवेक्षण करेंगे। शहर में थानावार मजिस्ट्रेट पर्यवेक्षण करेंगे। सभी कोविड अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए सीएमओ को निर्देशित किया।