रविवार को सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में भयंकर लापरवाही हो गई। पीएम की मौजूदगी में ही मंच के नीचे शार्ट सर्किट से दो बार स्पार्क हुआ। मगर समय रहते उसे बुझा लिया गया, जिससे आग लगने से बच गई। इस लापरवाही को लेकर पुलिस की ओर से मंच ठेकेदार व दो विद्युत अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
वहीं डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच बैठाते हुए एडीएम प्रशासन को जांच सौंपी है और पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट एसपीजी को सौंपी है। इसके अलावा साउंड सिस्टम की गड़बड़ी व मंच के नीचे कुत्ता आने को भी बड़ी लापरवाही माना गया है।
घटनाक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री मंच पर थे और योगी संबोधित कर रहे थे, तभी मंच के नीचे अचानक स्पार्किंग हुई। इस पर सुरक्षा में लगे लोग अलर्ट हो गए और फायर एक्सटिंग्यूशर से आग पर काबू पाया। कुछ देर बाद दोबारा यही हुआ।
एसपीजी एडीजी के इशारे पर तत्काल उस लाइन को जा रही विद्युत आपूर्ति भी बंद कराई गई। इस दौरान एसपीजी कर्मी ने पीएम के कान में जाकर संदेश भी दिया। इसके कुछ सेकेंड बाद ही योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण को विराम दिया और बिना किसी भूमिका के मोदी खुद माइक की तरफ बढ़ गए।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी विवेक शर्मा ने बताया कि सभा से पहले मंच, चारों ओर कपड़े और नीचे कारपेट पर अग्निरोधी तरल का छिड़काव किया गया था जिससे कपड़ा आग नहीं पकड़ सका। तत्काल फायर सर्विस कर्मियों ने उसे नियंत्रित कर लिया। इसे लेकर एक तरफ जहां डीएम ने पूरे मामले में एसपीजी के एडीजी आलोक शर्मा को रिपोर्ट भेज दी है, जिसमें अब एसपीजी की टीम जांच के लिए सोमवार को फिर मौके पर पहुंचेगी और स्पार्क की वजहों पर जांच करेगी।
इधर, पीएम की सभा का मंच बनने के बाद विद्युत, पीडब्ल्यूडी, फूड सेफ्टी और अग्निशमन से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया जाता है। इस लापरवाही को लेकर एसएसआई बन्नादेवी प्रदीप मलिक की ओर से मंच निर्माण करने वाले ठेकेदार संजीव चौहान, विद्युत सुरक्षा विभाग के प्रभारी सहायक निदेशक उदयभान यादव व उपनिदेशक संजय माथुर के खिलाफ लापरवाही की धारा 336 व 427 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा जांच अधिकारी नियुक्त किए गए एडीएम प्रशासन ने मंच के प्रभारी सुरक्षा अधिकारी एडीएम वित्त, एसडीएम कोल, मंच निर्माण ठेकेदार, साउंड ठेकेदार आदि से सोमवार शाम 4 बजे तक स्पष्टीकरण मांगा है।
जब डी के ठीक सामने सीएम खुद व्यवस्था बनाने आगे आए
अव्यवस्था का आलम यह भी रहा कि मंच के नीचे कुत्ता भी घूम गया और पीएम के भाषण के दौरान साउंड सिस्टम भी पांच बार गड़बड़ाया। साथ ही मंच व डी के ठीक सामने बने दो ब्लाक में क्षमता से ज्यादा भीड़ होने पर उनकी बैरीकेडिंग टूट गई। उसमें महिलाएं और महिला पुलिस की कुछ कांस्टेबल दब गईं। स्थिति यह हो गई कि मंच पर बैठे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हस्तक्षेप करना पड़ा। जिससे संबोधन में व्यवधान पड़ा और पीएम का मूड खराब हो गया।
सभा स्थल पर मंच के सामने डी बना हुआ था। इसके बाईं ओर प्रेस के लिए ब्लाक बनाया था। इसमें भाजपा की महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता बैठ गए। दाईं ओर वीवीआईपी ब्लाक था। उसमें भी काफी भीड़ थी। दोपहर 2ः36 बजे भीड़ के दबाव के चलते बैरीकेडिंग चरमरा कर टूट गई। पुलिसकर्मी व अधिकारी बैरीकेडिंग को रोकने की कोशिश में लगे, लेकिन नाकाम रहे। यह देख सीएम ने मंच से ही कहा कि पुलिस ब्लाक में न रहे बाहर निकल आए।
अंदर पुलिस वाले धक्का मुक्की करके और माहौल बिगाड़ रहे हैं। सीएम ने यह तब कहा जब अलीगढ़ से लोकसभा प्रत्याशी सतीश गौतम संबोधन कर रहे थे। बहुत ज्यादा शोरगुल होते हुए देख सीएम ने माइक संभाला। उन्होंने प्रभारी मंत्री सुरेश राणा व विधायक अनिल पाराशर को नीचे भेजा। उन्होंने पब्लिक को समझाया और भीड़ का दबाव झेल रहे ब्लाक से लोगों को इधर उधर शिफ्ट कराया।
इसके बाद जब सतीश गौतम ने दोबारा माइक संभाला तो माइक की कैप निकल गई। जिसे उठा कर फिर से माइक पर लगाया। इसके बाद पुलिस बाहर आई और टूटी बैरीकेडिंग को पुलिसकर्मियों ने दीवार बनकर रोका। इस दौरान कई महिलाएं और महिला पुलिस कर्मी भीड़ में दब गईं। उन्हें किसी तरह बाहर निकाला गया।