प्रदेश सरकार के कबीना मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने रविवार को यहां कहा कि देश की जनता को नेताओं ने 72 सालों से भ्रमजाल में फंसा रखा है। सवर्णों को दस प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था भी भ्रमजाल है। कहा कि जब सर्वे ही नहीं है कि कितने प्रतिशत लोग गरीब हैं तो आरक्षण की इस व्यवस्था का कोई मतलब नहीं रह जाता।
रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से वार्ता में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों को उन्नत कर कान्वेंट के समान बनाएं जिससे गरीब का बच्चा भी आईएएस, डॉक्टर, इंजीनियर व वैज्ञानिक बन सके। जब तक शिक्षा में समानता नहीं होगी तब तक नेताओं और अधिकारियों के बच्चे ही ऊंचे पदों पर भर्ती होते रहेंगे।
कबीना मंत्री ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जनपद को चयनित कर वहां आवश्यकतानुसार संविदा पर शिक्षकों को रखा जाए। उनकी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए प्रति वर्ष पांच हजार बढ़ाते चलें और जब पांच साल पूरे हो जाएं और शिक्षक का काम सही हो तो उसको नियमित कर दिया जाए। इससे शिक्षकों की कमी दूर होगी। अभी प्रदेश के स्कूलों में तीन लाख अड़सठ हजार पद खाली हैं, जिन्हें तत्काल भरा जाना जरूरी है।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जनता के हितों के लिए वैचारिक लड़ाई है। वहीं जनता को जागरूक होने का आह्वान किया कि जाति, संप्रदाय और मंदिर-मस्जिद के नाम पर न लड़ें। जागरूक होंगे तो नेता इस तरह से लड़ा नहीं पाएंगे।
जनसभा में भाकियू हरपाल गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. हरपाल सिंह ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए तीखे हमले बोले। जनसभा को प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक यादव, जिलाध्यक्ष गौरव ठाकुर ने भी संबोधित किया।