सासनीगेट थाना क्षेत्र के आगरा रोड स्थित केशवनगर निवासी मूल चंद्र वार्ष्णेय 61 वर्ष की रविवार को तबीयत खराब हुई तो वह समीप स्थित शेखर सर्राफ हास्पिटल में उपचार कराने पहुंच गए। नाती देव वार्ष्णेय ने बताया कि अस्पताल में उपचार के दौरान गलत इंजेक्शन लगाने से उनकी तबीयत बिगड़ गई, ऐसे में उन्हें भर्ती कर लिया।
अलीगढ़ शहर के आगरा रोड स्थित शेखर सर्राफ मेमोरियल अस्पताल में 27 अक्तूबर को उपचार कराने गए बुजुर्ग की इंजेक्शन लगने के बाद मौत हो गई। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने को लेकर हंगामा और तोड़फोड़ शुरू की तो अस्पताल स्टाफ ने उनकी पिटाई कर दी। इसके बाद शव को जिला अस्पताल के मोर्चरी में भेज दिया गया। देर शाम बुजुर्ग को खोजते हुए कुछ अन्य लोग जिला अस्पताल पहुंचे और शव देखकर भड़क गए। शव लेकर वापस निजी अस्पताल जाने लगे मगर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर जमकर झड़प हुई।
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सासनीगेट थाना क्षेत्र के आगरा रोड स्थित केशवनगर निवासी मूल चंद्र वार्ष्णेय 61 वर्ष की रविवार को तबीयत खराब हुई तो वह समीप स्थित शेखर सर्राफ हास्पिटल में उपचार कराने पहुंच गए। नाती देव वार्ष्णेय ने बताया कि अस्पताल में उपचार के दौरान गलत इंजेक्शन लगाने से उनकी तबीयत बिगड़ गई, ऐसे में उन्हें भर्ती कर लिया। सूचना पर नानी मीना देवी, मौसी गुंजन, कपिल पहुंच गए। मूलचंद्र वार्ष्णेय के पास पहुंचे तो वह कुछ बोल नहीं रहे थे।
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इस पर परिजनों ने हंगामा शुरू किया तो अस्पताल प्रशासन ने समझाने का प्रयास किया। शव को पहले उपचार के नाम पर मेडिकल कालेज भेज दिया। जहां मृत घोषित होने पर शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया। देव ने बताया कि हास्पिटल स्टाफ ने नानी, मौसी और मामा की पिटाई कर दी। देर शाम करीब साढ़े आठ बजे परिजनों को पता चला कि शव जिला अस्पताल के मोर्चरी में हैं। इसके बाद परिजन शव लेकर आगरा रोड अस्पताल जाने लगे मगर पुलिस ने रोक दिया। पुलिस ने तीखी झड़प हुई। देरशाम को मृतक के बेटे कपिल गुप्ता ने सासनीगेट कोतवाली में तहरीर दी। जिसमें कहा कि उनके पिता को सिर्फ बुखार आया था, कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। गलत इंजेक्शन लगाने से मौत हो गई।
शेखर सर्राफ अस्पताल में वृद्ध के मौत की जानकारी हुई है। इसकी शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी। जांच के आधार पर की आगे की कार्रवाई होगी।-डॉ. दिनेश खत्री, एसीएमओ
बुजुर्ग को गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। इमरजेंसी में चिकित्सकों ने मना कर दिया था, मगर परिजनों के कहने पर उन्हें चेक किया तो वह मृत मिले। यह सुनकर परिजन हंगामा करने लगे, अस्पताल में तोड़फोड़ की। इसमें एक गैंग शामिल है, जो लोगों को भड़का कर अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव बनाता है।-सुमित सर्राफ, निदेशक, शेखर सर्राफ मेमोरियल हास्पटिल
परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस कारण शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।-अभय पांडेय, सीओ प्रथम, अलीगढ़