टीपी नगर के 24 भूखंडों की ऑफलाइन नीलामी हुई। एक-एक कर भूखंडों की बोली लगनी शुरू हुई। एक-एक भूखंडों पर विड डालने वाले सभी बोलीदाताओं को सामने बिठा कर 100 रुपये वर्ग मीटर अधिक बोली शुरू कराई गई। नौ घंटे चली इस नीलामी में प्राधिकरण को करीब 10 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है।
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) के सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट ट्रांसपोर्ट नगर (टीपी नगर) के 24 भूखंडों की एडीए सभागार में ऑफ लाइन नीलामी हुई। जिसमें प्राधिकरण को उम्मीद से ज्यादा की आमदनी हुई। अफसरों के मुताबिक ऑनलाइन नीलामी में हुई बिक्री से करीब 10 करोड़ रुपये अधिक कीमत में यह भूखंड ऑफ लाइन में बिक गए। विभाग ने पूरी पारदर्शिता के साथ भूखंडों की नीलामी बोलीदाताओं को आमने-सामने बिठा कर की। 113 भूखंडों में से 90 भूखंडों के आवंटन हो चुके हैं।
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टीपीनगर में 113 भूखंडों की ई-नीलामी के लिए 17 जुलाई को ऑनलाइन बोली लगी। जिसमें बोलीदाताओं ने प्राधिकरण के पारदर्शी रवैये पर सवाल खड़ा कर दिया। भूखंडों की कीमत को 19000 वर्ग मीटर से 25000 वर्ग मीटर रखा गया। मगर नीलामी के दिन ही सवाल खड़े हो गए। 19 खरीदारों ने शिकायत दर्ज कराई। ऐसे में वीसी ने 47 भूखंडों को निरस्त कर दिया था। 25 जुलाई को 24 भूखंडों के लिए 142 बोलीदाताओं को आमने-सामने बोली लगाने के लिए बुलाया गया। मगर इसमें से 135 बोलीदाता शामिल हुए।
एडीए सभागार में सचिव दीपाली भार्गव और ओएसडी साल्वी अग्रवाल की मौजूदगी में एक-एक कर भूखंडों की बोली लगनी शुरू हुई। एक-एक भूखंडों पर विड डालने वाले सभी बोलीदाताओं को सामने बिठा कर 100 रुपये वर्ग मीटर अधिक बोली शुरू कराई गई। 10 बजे से शाम सात बजे तक चले इस भौतिक नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए एडीए ने पूरा जतन कर रखा था।
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नौ घंटे चली इस नीलामी में 19000 वर्ग मीटर का भूखंड की बोली 35,600 रुपये तक पहुंच गई। जबकि फ्रंट के एक भूखंड की कीमत 25,000 वर्ग मीटर से 29 हजार वर्ग मीटर पर आकर समाप्त हुई। इस पूरी ऑफ लाइन प्रक्रिया में प्राधिकरण को करीब 10 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। इस प्रक्रिया में सहयोगात्मक भूमिका में एटीपी प्रीती, जेई मनोज शर्मा, मनमोहन आदि मौजूद रहे।
टीपीनगर के 24 भूखंडों की भौतिक नीलामी पारदर्शिता पूर्वक कराई गई। जिसमें ऑन लाइन की तुलना में प्राधिकरण को इस प्रक्रिया से करीब 10 करोड़ रुपये अधिक का मुनाफा हुआ है।-दीपाली भार्गव, एडीए, सचिव