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नोटिस मिला तो दौड़े एफडीए विभाग के अधिकारी, रसोई में गंदगी पर लग चुकी है फटकार

Mon, 20 Apr 2020 01:59 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
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सिटी शैफ रेस्टोरेंट में खाद्य पदार्थो के नमूने लेती खद्य विभाग की टीम - फोटो : अमर उजाला
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जिला अभिहित अधिकारी सर्वेश कुमार मिश्रा को जिलाधिकारी द्वारा नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब करने और एडीएम सिटी को निलंबन के निर्देश जारी करने के बाद रविवार को विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों ने खूब दौड़ लगाई।

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सर्वेश मिश्रा के नेतृत्व में एफडीए विभाग की टीम मैरिस रोड स्थित सिटी शेफ रेस्टोरेंट में जांच के लिए पहुंची। यहां से पनीर का नमूना लिया। साथ ही रसोई में गंदगी मिलने पर फटकार लगाई। सैनिटाइजिंग और कर्मचारियों के लिए मास्क की व्यवस्था के निर्देश दिए। इसके बाद टीम नौरंगाबाद जीटी रोड पर स्थित बी दास रेस्टोरेंट (होम डिलीवरी करने के लिए किचन संचालित करने को अधिकृत किया गया है) पर पहुंची। यहां निरीक्षण के समय कई खामिया पाई गईं। रसोई में साफ-सफाई नहीं थी।

सैनिटाइजिंग की व्यवस्था नहीं थी। होम डिलीवरी के लिए भी पर्याप्त इंतजाम आदि व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं मिलीं। इस पर टीम ने रेस्टोरेंट संचालक को नोटिस जारी कर एक दिन के भीतर खामियों को दूर करने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि अगर खामियों को दूर नहीं किया गया तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही रेस्टोरेंट से पनीर के सैंपल भरे गए। इसके बाद टीम सासनी गेट चौराहा स्थित प्रकाश दूध बिक्त्रस्ी की दुकान पर पहुंची। यहां से दूध का एक नमूना जांच के लिए लिया गया। अभिहित अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा। सभी सैंपलों को जांच के लिए लैब भेज दिया जाएगा है। वहां से रिपोर्ट आने पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
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कार्रवाई की तलवार लटकी
जिला अभिहित अधिकारी और ड्रग निरीक्षक पर कार्रवाई की तलवार अभी लटकी हुई है। रविवार को उन्होंने अपना स्पष्टीकरण नहीं दिया। बताया जा रहा है कि अगले दो से तीन दिन में इनके खिलाफ कोई कार्रवाई हो सकती है। जिला अभिहित अधिकारी और औषधि निरीक्षक के खिलाफ जिलाधिकारी ने शिकायतों को लेकर निलंबन के निर्देश एडीएम सिटी को दिए हैं। औषधि निरीक्षक पर आरोप लगे हैं कि इन्होंने बाजार में मास्क और सैनिटाइजर की कालाबाजारी रोकने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाए थे।

सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने क्षेत्रों में चेकिंग करते थे और उनको अवगत कराया जाता था, रिपोर्ट भेजी जाती थी। मगर इनके स्तर से दुकानदार पर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई। इधर जिला अभिहित अधिकारी पर आरोप यह है कि उन्होंने जिले में गरीबों को राशन वितरण में लगी संस्थाओं, सामुदायिक रसोइयों, होम डिलीवरी के लिए अधिकृत रेस्टोरेंट चेकिंग के लिए कोई टीम गठित नहीं की।

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