सीएम योगी आदित्यनाथ के आने की पुख्ता खबर मिलते ही पूरा प्रशासन हाई अलर्ट हो गया है। मंडलायुक्त गौरव दयाल, जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, डीआईजी दीपक कुमार, एसएसपी कलानिधि नैथानी, सीडीओ अंकित खंडेलवाल, एडीएम सिटी राकेश मालपाणी, एडीएम फाइनेंस विधान जायसवाल, सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार, एसडीएम कोल रंजीत सिंह, एसीएम अंजुब बी सहित तमाम अधिकारी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने में जुट गए।
सुबह से ही अधिकारियों की ये कवायद बता रही थी कि सीएम योगी कभी भी आ सकते हैं। बुधवार देर शाम उनके आने का आधिकारिक कार्यक्रम जारी हो गया। इसके बाद पूरे प्रशासन ने व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में पूरी ताकत झोंकी दी है।
कलक्ट्रेट के कोविड कंट्रोल कमांड सेंटर, कोविड डेडिकेटेड पंडित दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय, अतरौली के 100 बेड के कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल, एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड, कोविड आईसीयू वार्डों को चमकाया जाने लगा।
मरीजों से भी उनका दुख-सुख जान कर हमदर्दी की बातें की जाने लगीं। वार्ड ब्वाय और नर्सिंग स्टाफ को कोविड नियमों का पाठ पढ़ा कर मरीजों और तीमारदारों से मधुर संबंध रखने की ताकीद की जाने लगी। रात में ही अस्पतालों में दवाओं का स्टाक किया गया। आक्सीजन की उपलब्धता पर भी गंभीरता दिखी और अस्पतालों में जीवनरक्षक गैस की आपूर्ति का लेखाजोखा लिया गया।
इस बीच देर रात सीएम योगी की विशेष सुरक्षा के कर्मी अलीगढ़ पहुंचे और उनके संभावित निरीक्षण स्थलों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालने में सहयोग करने लगे। क्वार्सी चौराहे से दीनदयाल अस्पताल आने के रास्ते को दुरुस्त किया गया। सीएम का काफिला एएमयू से सीधे दीनदयाल अस्पताल भी पहुंच सकता है। कलक्ट्रेट के कोविड कंट्रोल रूम को भी दुरुस्त कर दिया गया है। कलक्ट्रेट के मुख्य द्वार और सभागार को भी साफ सुथरा कर चमका दिया गया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ पश्चिम बंगाल के चुनाव के बाद से लगातार प्रदेश भर में दौरे कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद तेजी से फैले कोरोना संक्त्रस्मण को लेकर प्रदेश सरकार सवालों के घेरे में है। सीएम अभी तक अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, मुरादाबाद का दौरा कर चुके हैं। अब वह अलीगढ़ आ रहे हैं। इसलिए एएमयू के सभागार से लेकर सरकारी अस्पतालों तक प्रशासन हाई अलर्ट मोड पर आ गया है। ये चुस्ती फुर्ती सीएम की विदाई तक जारी रहेगी।