जिला पंचायत अध्यक्ष पद चुनाव में नाम वापसी के दिन 29 जून मंगलवार को सपा नेता संजय यादव के ईंट भट्ठे, रालोद जिला पंचायत सदस्य सुलेखा चौधरी के अमित नर्सिंग होम और गिरीश यादव के अपार्टमेंट में पुलिस की कार्रवाई की भी निंदा हो रही है। पूर्व नगर विधायक जफर आलम ने कहा है कि सत्ता के मद में कुछ नेता अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बना कर इस तरह की कार्रवाई कर लोकतंत्र का दम घोंट रहे हैं, लेकिन उनकी मंशा पूरी नहीं होगी। जनता सब कुछ देख रही है। पूर्व विधायक ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव अब जनता से सीधे चुन कर होना चाहिए। जिससे इस तरह के दबाव की राजनीति का अंत हो सके। लोकतंत्र में चुनाव लड़ना सभी का हक है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जनता ने सपा को भरपूर समर्थन देकर विधानसभा चुनाव 2022 की भूमिका बना दी है। आगामी विधानसभा चुनाव में सपा सरकार बनेगी। अधिकारियों को ये बात याद रखनी चाहिए कि सरकार आती जाती रहती है। वह अपनी ड्यूटी लोकतंत्र और जनता की रक्षा के लिए करें।
इधर, इस रोचक मुकाबले में मतदान के दौरान क्रास वोटिंग होने की चर्चा हो रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा के खेमे से समर्थक जिला पंचायत सदस्यों की संख्या 38 से 40 तक जरूर बताई जा रही है, लेकिन इसी खेमे में क्रास वोटिंग होने की भी बातें हो रही है। हालांकि भाजपा नेता सिरे से इसको नकार रहे हैं। उलटा भाजपा नेता कह रहे हैं कि सपा के खेमे में क्रास वोटिंग होना तय है, इसलिए ये बातें की जा रही है। सपा, कांग्रेस, बसपा, रालोद और भाजपा नेताओं के बीच इसको लेकर जबरदस्त चर्चाएं जारी हैं।