अनियमित जीवन शैली और खान पान के चलते बड़ों के साथ बच्चों में भी मोटापा एक बीमारी के रूप में तेजी से पैर पसार रहा है। यहां तक कि 18 फीसदी विद्यार्थी मोटापे की चपेट में हैं। इसके चलते मधुमेह और हृदय रोग की संभावना भी बढ़ जा रही है। चार मार्च को विश्व मोटापा दिवस के अवसर पर यह प्रश्न विचारणीय है कि इस महामारी पर किस तरह लगाम कसी जाए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि दुनिया भर में मोटापे से ग्रस्त लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है। असुरक्षित जीवन शैली और अनियमित दिनचर्या मोटापे का शिकार बना रही है। विशेषकर स्कूली बच्चे इससे प्रभावित हैं। शहरी क्षेत्र में 18 प्रतिशत विद्यार्थी मोटापे से पीड़ित हैं। करीब तीन प्रतिशत विद्यार्थियों में ब्लड प्रेशर की समस्या है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार मोटापे के मामले में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है।-डॉ. विकास मेहरोत्रा, अध्यक्ष, आईएपी
प्रोटीन का अपने वजन के अनुसार सेवन करें। दाल, फल, अंडे, चिकन, मछली आदि से शरीर का वजन नियंत्रित रहता है। सलाद, मौसमी फलों का भरपूर मात्रा में सेवन करें। फलों में फाइबर होता है। यह शरीर का मेटाबॉलिज्म भी बढ़ाता है। रोजाना 45 मिनट पैदल, योग और व्यायाम करें। सात से आठ घंटे की नींद लें।-ज्योति सक्सेना, डायटिशियन