उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति पत्र प्राप्त किए बिना शहर में नर्सिंग होम एवं क्लीनिक चल रहे हैं। इसकी आशंका शहर के चिकित्सक डॉ. सीपी गुप्ता ने जताई है और सीएमओ से जांच कराने की मांग की।
डॉ. सीपी गुप्ता का कहना है कि अपनी क्लीनिक के पंजीकरण (वर्ष 2020-21) के नवीनीकरण के लिए अप्रैल 2020 में ऑनलाइन आवेदन किया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का एनओसी नहीं देने के कारण उनका आवेदन रद्द कर दिया गया। आरटीआई के अंतर्गत जन सूचना अधिकारी से सूचना मांगी तो नहीं दी गई।
अप्रैल 2021 में प्रार्थना पत्र देकर आग्रह किया कि मेरी बात सुनी जाए ताकि क्लीनिक का पंजीकरण का नवीनीकरण हो सके। मेरे प्रार्थना पत्र पर कोई सुनवाई नहीं हुई। उसके बाद डॉ. सीपी गुप्ता द्वारा आरटीआई के तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय से सूचना मांगी गई। वहां से जवाब मिला है कि किसी भी प्राइवेट हॉस्पिटल, क्लीनिक अथवा सरकारी प्रतिष्ठानों द्वारा राज्य बोर्ड से एनओसी प्राप्त नहीं किया गया है। डॉ. सीपी गुप्ता ने सीएमओ कार्यालय के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है और भ्रष्टाचार की आशंका जताई है। उन्होंने सीएमओ से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।