अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में पढ़ने वाले विदेशी विद्यार्थियों की संख्या साल दर साल कम होती जा रही है। पिछले छह साल में सात देश बढ़ें हैं जिनके विद्यार्थियों ने यहां दाखिला लिया है, लेकिन कुल विद्यार्थियों की संख्या में गिरावट आई है। 2022 के बाद से एक भी पाकिस्तान छात्र ने एएमयू में दाखिला नहीं लिया है।
एएमयू में वर्ष 2019-20 में 23 देश के विद्यार्थियों की संख्या 474 थी, जबकि वर्ष 2025-26 में देशों की संख्या बढ़कर 30 हुई है लेकिन विद्यार्थियों की संख्या घटकर 293 रह गई है। इसके पीछे की वजह विदेशी विद्यार्थियों को यूनिवर्सिटी में सुविधाएं न मिलना, एकल खिड़की न होना है। फीस जमा करने में भी असुविधा होती है।
यूनिवर्सिटी की स्थापना के बाद से ही विदेशी विद्यार्थी यहां पढ़ रहे हैं। इस दौरान उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल रहा है। पिछले छह साल में लीबिया, जर्मनी, कजाकिस्तान, सऊदी अरब, फलस्तीन, न्यूजीलैंड, कनाडा, भूटान, सीरिया के विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी से दूरी बनाई है। पहली बार बेनिन, कैमरून, इरीट्रिया, लेसोथो, माॅरीशस, मलावी, युगांडा के विद्यार्थियों ने दाखिला कराया। वहीं, तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान, यमन से विद्यार्थियों की संख्या में गिरावट आई है। हालांकि, पिछले साल की अपेक्षा इस बार ओमान, थाईलैंड के विद्यार्थियों की संख्या में मामूली वृद्धि हुई है।