अलीगढ़-दिल्ली रेल मार्ग की तीसरी लाइन पर शुक्रवार से ट्रेनों का परिचालन शुरू हाे गया है। अब एक समय में स्टेशन से दो ट्रेनों का आवागमन हो सकेगा। अभी तक अप व डाउन ट्रैक पर एक बार में एक-एक ट्रेन का संचालन हो पाता था, जिससे दूसरी ट्रेनों को यार्ड में या आउटर पर रोकना पड़ता था। इससे यात्रियों का काफी समय बर्बाद होता था और ट्रेनें देरी से चलती थीं।
गौरतलब हो कि टूंडला से अलीगढ़ के बीच तीसरी लाइन पर पहले से ही ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है, लेकिन अलीगढ़ के आगे तीसरी लाइन पर परिचालन न होने के कारण अलीगढ़ से दिल्ली आने-जाने वाली ट्रेनों को आउटर या यार्ड में रोकना पड़ता था। इसके चलते औसतन 10-15 मिनट तक ट्रेनें यहां खड़ी रहती थीं। कई बार रात में आउटर पर खड़ी ट्रेनों में अपराधी वारदात को अंजाम देकर आसानी से भाग जाते थे। शुक्रवार को अलीगढ़ जंक्शन के प्लेटफार्म पांच, छह एवं सात से गाजियाबाद तक तीसरी रेल लाइन पर ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया गया है। हालांकि, अभी ट्रेनों को कॉशन (सतर्कता) देकर चलाया जा रहा है। बताते हैं कि दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर हर रोज करीब 500 ट्रेनों का आवागमन होता है।
पिछले दिनों दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर तीसरी रेल लाइन को मुख्य लाइन से जोड़ने का काम सफलतापूर्वक पूरा किया गया था। सिग्नल और इंटरलॉकिंग की वजह से ट्रेनों का अब कम प्रतीक्षा समय में कानपुर के रास्ते रेलवे स्टेशन में प्रवेश संभव हो सकेगा। अभी तक अलीगढ़ से दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों को ट्रैक खाली न होने पर रास्ते में ही रोकना पड़ता था, जिससे यात्रियों के साथ-साथ रेलवे कर्मचारियों को भी परेशानी होती थी। सिग्नल व इंटरलॉकिंग व्यवस्था को अत्याधुनिक बनाया गया है। अब टूंडला की ओर से अलीगढ़ यार्ड में दो ट्रेनों को एक साथ प्रवेश दिलाया जा सकेगा।
- अमित सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल।