फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh News: अब उधार का बच्चा 'लापता', जिला अस्पताल में दौड़ी पुलिस

विज्ञापन
विज्ञापन
कुछ दिन पहले जिला अस्पताल में सामने आया ''उधार का बच्चा'' के खेल ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया। इस बार दूसरे का बच्चा लेकर दवा लेने गई महिला भीड़ में ओझल हुई तो अस्पताल में बच्चा चोरी का शोर गूंज उठा। सूचना मिलने पर पुलिस दौड़ पड़ी, सीसीटीवी खंगाले गए और कुछ देर तक अस्पताल में हड़कंप रहा। जांच पूरी हुई तो पता चला कि जिस बच्चे को लापता समझा जा रहा था, वह दरअसल किसी और के बीमार बच्चे की दवा दिलाने के काम आ रहा था।
विज्ञापन



यह घटना दोपहर के वक्त ओपीडी में हुई। यहां शाहजमाल से एक महिला अपने बीमार दो वर्षीय बेटे को जिला अस्पताल आईं। वहां पहले से रोरावर की दूसरी महिला डॉक्टर कक्ष के बाहर लाइन में लगी थी। थोड़ी देर बाद महिला का नंबर आया और कक्ष से बाहर आते ही उसने बीमार बच्चे के साथ खड़ी महिला से कहा कि अपना बच्चा थोड़ी देर के लिए मुझे दे दो। मुझे डॉक्टर से दवा लिखवानी है, मेरा बच्चा बीमार है। महिला ने अपना बच्चा उसे थमा दिया। वह फिर से बच्चे को गोद में लेकर लाइन में लगी। कुछ देर बाद देखा कि लाइन में न बच्चा है और न ही महिला थी। यह देख बच्चे की मां ने शोर मचाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते अस्पताल में बच्चा चोरी की चर्चा फैल गई। मरीज, तीमारदार और कर्मचारी इधर-उधर दौड़ने लगे।


हंगामे की सूचना पर अस्पताल प्रशासन सक्रिय हुआ और इलाका पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जब सीसीटीवी की रिकार्डिंग खंगाली तो फुटेज में महिला बच्चे को लेकर दवा काउंटर की ओर जाती और फिर वापस लौटती दिखाई दी। पुलिस ने महिला को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने माफी मांगी और कार्रवाई की आशंका से वह चुपचाप अस्पताल से निकल गई। बाद में बच्चे की मां भी अपने बेटे को लेकर घर लौट गई। जिला अस्पताल में उधार के बच्चे का यह पूरा खेल 20 मई को संवाद न्यूज एजेंसी ने अमर उजाला के अंक में उजागर किया। उस वक्त जिम्मेदारों ने व्यवस्था सुधारने के दावे किए लेकिन इस घटना से एक बार फिर व्यवस्था की लापरवाही उजागर हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें