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अब ऐसी व्यवस्था बना रहे कि शराब माफिया न पनपें : एडीजी

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जहरीली शराब कांड को लेकर एडीजी आगरा जोन राजीव कृष्ण ने पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि अब इस तरह की व्यवस्था बनाई जाएगी कि भविष्य में कोई भी शराब माफिया न पनप सके। साथ ही शराब कांड के आरोपियों के खिलाफ पुलिस अदालत में मजबूत पैरवी के सारे इंतजाम कर रही है। उन्होंने अब तक की गई कार्रवाई के लिए अलीगढ़ पुलिस की पीठ भी थपथपाई।
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मंगलवार को एडीजी आगरा जोन राजीव कृष्ण अलीगढ़ आए थे। उन्होंने जहरीली शराब कांड में अब तक पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई और आगे की रणनीति पर चर्चा की। एडीजी ने कहा कि जहरीली शराब कांड में अब तक 17 मुकदमे दर्ज हुए हैं। पांच मुख्य आरोपियों सहित 62 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच के दौरान जो भी नाम सामने आ रहे हैं, उनको भी मुकदमे में शामिल किया जा रहा है। अब सिर्फ 12 लोगों की गिरफ्तारी शेष है। यह वह लोग हैं, जो निचले स्तर पर मुख्य आरोपियों का सहयोग करते थे।
मुख्य आरोपियों की 98 करोड़ की संपत्ति चिन्हित की
एडीजी राजीव कृष्ण ने कहा कि कोशिश है कि शराब माफिया की आर्थिक रूप से कमर तोड़ दी जाए। जिससे कि भविष्य में वह फिर से सिर न उठा सकें। इसी क्रम में इस कांड के मुख्य आरोपियों की करीब आठ करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का पता करके उसको ध्वस्त कराया गया है, जबकि 98 करोड़ रुपये की संपत्ति को चिन्हित कर लिया गया है।
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14 (1) गैंगेस्टर की कार्रवाई करके मुख्य आरोपी और शराब माफिया द्वारा अवैध तरीके से अर्जित की गई प्रॉपर्टी सीज करने की कार्रवाई की गई है। इसी क्रम में जवां थाने के तालिब नगर में शराब माफिया के रैकेट में शामिल लोगों के फर्जी पेट्रोल पंप को ध्वस्त करा दिया गया है। राजीव कृष्ण ने कहा कि जांच में मेरठ जोन और आगरा जोन के लोगों के नाम भी प्रकाश में आ रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
हत्या से भी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज, पर्याप्त हैं साक्ष्य
एडीजी ने बताया कि सवाल उठ रहा है कि जहरीली शराब से 100 से अधिक मौत होने के मामले आरोपियों के खिलाफ क्या हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है? इस पर साफ कर देना चाहता हूं, पुलिस ने 16 (ए) आबकारी अधिनियम की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एक तरह से यह धारा हत्या के मामले से भी ज्यादा गंभीर धारा है।
इस धारा के तहत मुकदमा दर्ज करने के बाद इसको अदालत में साबित करने के लिए पुलिस के पास पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। इसलिए यह कहना कि मुकदमा दर्ज करते समय आरोप की गंभीरता को देखते हुए कुछ सतही रवैया रखा गया, पूरी तरह गलत है। अपराध की गंभीरता के मुताबिक ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
हमारे लिए अपराधी सिर्फ अपराधी है और कुछ नहीं
नेताओं द्वारा शराब माफिया को संरक्षण दिए जाने के सवाल पर एडीजी ने कहा कि जांच में जो भी नाम प्रकाश में आ रहे हैं, वह हमारे लिए सिर्फ अपराधी हैं। इसके अलावा कुछ भी नहीं। उनकी पृष्ठभूमि कुछ भी हो सकती है। उनके नाम कुछ भी हो सकते हैं। लेकिन हमारे लिए वह सिर्फ एक अपराधी हैं और पुलिस उसी के मुताबिक अपना काम करेगी। पत्रकार वार्ता के दौरान पर एसएसपी कलानिधि नैथानी सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
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