जिले में वायु प्रदूषण का स्तर कम करने के लिए परिवहन विभाग ने पहल की है। इसके तहत शहरी क्षेत्र में अब सीएनजी चालित सवारी ऑटो के संचालन का आदेश जारी किया गया है। यह नियम गभाना तहसील की 16 किमी परिधि में भी लागू रहेगा। जट्टारी के लिए भी यही आदेश लागू किया गया है। जल्द ही इगलास व अतरौली में भी सीएनजी ऑटो संचालित किए जाएंगे।
इन मार्गों पर सीएनजी चालित नए ऑटो को ही परमिट जारी होगा। पुराने ऑटो के खिलाफ बड़े स्तर पर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। हालांकि, जिन ऑटो का परमिट खत्म हो चुका है, उनको सीज किया जाएगा। इसके अलावा जिन डीजल-पेट्रोल चालित ऑटो का परमिट खत्म होने में जितना समय शेष होगा, उनको उतने समय तक की मोहलत दी जाएगी।
एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह ने बताया कि शहर में अगस्त 2019 को 804 ऑटो का परमिट निरस्त किया गया था। वर्तमान में यहां एक भी पंजीकृत ऑटो संचालित नहीं है। प्राथमिकता के तौर पर इन 804 ऑटो के स्थान पर नए सीएनजी चालित ऑटो को शहर का परमिट जारी किया जा रहा है। यही आदेश गभाना और जट्टारी के लिए लागू किया गया है। यह फैसला सीएनजी पंप की उपलब्धता को देखते हुए लिया गया है।
शहर में कई पंप खुल चुके हैं। साथ ही एक-एक पंप गभाना व जट्टारी में भी है। यहां से ऑटो चालक आसानी से सीएनजी भरवा सकते हैं। वर्तमान में परिवहन विभाग के पांच ऑटो संचालक केंद्र हैं, जिनमें अलीगढ़ शहर, गभाना, जट्टारी, इगलास, अतरौली शामिल है। जैसे-जैसे सीएनजी पंप शुरू हो जाएंगे। वायु प्रदूषण को देखते हुए वहां भी डीजल-पेट्रोल चालित ऑटो को हटा दिया जाएगा। इगलास और अतरौली में भी जल्द ही सीएनजी पंप खुलने जा रहे हैं। जैसे ही पंप खुलेंगे, वहां भी सीएनजी ऑटो को ही मान्यता दी जाएगी।