बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में सहायक अध्यापक व प्रधानाध्यापक के पद पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कार्य कर रहे जिले के 89 शिक्षकों को बीएसए ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अन्य नोटिस के बाद सेवा समाप्ति की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। विधिक कार्यवाही के लिए मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
पूर्व में डॉ. भीमराव विश्वविद्यालय आगरा से सत्र 2004-05 में बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के दस्तावेजों में फर्जीकरण का मामला प्रकाश में आया था। एसआईटी जांच में विवि की कई डिग्रियां फर्जी मिली थीं। इस प्रकरण के बाद पूरे प्रदेश में यह प्रकरण सुर्खियों में आया। इसके बाद जिले में भी एसआईटी जांच शुरू हुई। पूरे जिले में 89 शिक्षक सामने आए हैं, जिनके दस्तावेज टैंपर्ड या फर्जी पाए गए हैं। इनमें कई शिक्षकों की डिग्रियां तो पूरी तरह फर्जी बनी हुई हैं। जिसके तहत रोल नंबर किसी अन्य का लगाकर नाम बदला गया है। यहां तक की पिता के नाम से भी छेड़छाड़ की गई है।
सभी शिक्षकों को एक नोटिस जारी कर दिया गया है। दूसरा नोटिस जारी किया जा रहा है। तीसरे नोटिस के बाद विधिक कार्यवाही करते हुए सेवा समाप्ति की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उच्चाधिकारियों के आदेश पर आगे की कार्यवाही होगी। सभी शिक्षकों पर फर्जीवाड़े का मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
- डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए अलीगढ़।
एक बार पहले कोर्ट से बच चुके हैं शिक्षक
इस प्रकरण में पहले भी नोटिस जारी किए गए थे। लेकिन शिक्षक इस प्रकरण में हाईकोर्ट चले गए। जहां से उन्हें राहत मिल गई थी। लेकिन फिर से एसआईटी ने जांच की और पूरे जिले में 89 शिक्षकों को नोटिस जारी कर दिया गया है। इन शिक्षकों में कई शिक्षक तो ऐसे हैं, जिन्हें पहली बार नोटिस जारी किया गया है। जबकि अन्य शिक्षकों को दो से तीन बार नोटिस जारी हो चुके हैं। जांच के बाद यह प्रक्रिया फिर से अपनाई जा रही है।
करोड़ों रुपये की होगी रिकवरी
अगर शिक्षकों की फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सेवा समाप्त हो गई तो रिकवरी भी लाजमी है। ऐसे में इन सभी शिक्षकों की नौकरी अनुपात में लगभग पांच साल भी कर दें तो कम से कम 25 करोड़ से ऊपर की रिकवरी होगी।
बता दें कि सहायक अध्यापक को 40 से 50 हजार के बीच तनख्वाह मिलती है। जबकि प्रधानाध्यापक को 50 हजार से ऊपर तनख्वाह मिलती है। इन 89 शिक्षकों की डिग्री 2005 की है। लेकिन इनमें से कई शिक्षकों ने 2008 से लेकर 2012 तक नौकरी पाई है। कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं। जो जिले में स्थानांतरण के तहत आए हैं। इनके सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। ऐसे में सभी शिक्षकों की तनख्वाह अनुपात में 50 हजार रुपये लगाए और पांच साल की सर्विस लगाई जाए तो 26 करोड़ से ऊपर की राशि सामने आ रही है। इस रकम की रिकवरी भी जरूरी है।
दो शिक्षकों की हो चुकी है मृत्यु
लोधा ब्लाक के नगला मानसिंह प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक की मृत्यु हो चुकी है। जबकि गंगीरी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय विलौना के सहायक अध्यापक की भी मृत्यु हो चुकी है। ऐसे में 87 शिक्षक कार्यवाही की जद में आएंगे।