एक साल में करीब चार हजार से अधिक कारोबारियों ने अपना जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं किया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने साल 2023-24 में रिटर्न दाखिल न करने वालों की सूची बनाई है। अब अधिकारी अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा व कासगंज के ऐसे कारोबारियों की जांच में जुट गए हैं। इनको लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
जीएसटी राज्य कर विभाग में पिछले एक साल में करीब 4 हजार 444 कारोबारियों ने रिटर्न दाखिल नहीं किया है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ने ऐसे लोगों की एक सूची तैयार की है। अलीगढ़ जोन में 60 हजार 901 कारोबारी स्टेट जीएसटी व 44 हजार 445 कारोबारी सेंट्रल जीएसटी में पंजीकृत हैं। अब पांचों जिलों के ऐसे कारोबारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जा रहा है। सूची में पांच जिलों के तीस फीसदी कारोबारी ऐसे शामिल हैं, जिनका कारोबार करोड़ों में होता है, लेकिन एआई की मदद से अब ऐसे कारोबारियों को चिन्हित करना आसान हो गया है।
500 रुपये रिटर्न भरने वालों की भी जांच
जीएसटी विभाग ऐसे कारोबारियों की जांच में भी लग गया है, जिन्होंने 500 रुपये, 1000 रुपये रिटर्न दाखिल किया है। बड़ी संख्या में ऐसे कारोबारी सामने आ रहे हैं, जिन्होंने साल 2023-24 में 500 या एक हजार रुपये की रिटर्न दाखिल किया है। बता दें कि 40 लाख तक के सालाना कारोबार पर जीएसटी नहीं लगती है, लेकिन जीएसटी पंजीकृत कारोबारी को शून्य रिटर्न दाखिल करना होता है। ज्यादातर कारोबारी इस पर ध्यान नहीं देते और उनसे चूक होती है।
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जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों की जांच की जा रही है। अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा व कासगंज के ऐसे कारोबारियो को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उनसे कर वसूली की जाएगी। जीएसटी में पंजीकृत होने पर रिटर्न दाखिल करना होता है। इसमें शून्य रिटर्न भरने का भी प्रावधान है।
-डॉ. श्याम सुंदर तिवारी, प्रभारी एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1