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Aligarh News: किराये के बड़े मामलों में स्टांप नहीं लगाने वाले 200 लोगों को नोटिस

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जिले में किराये के रूप में बड़ी रकम हासिल करने वाले और लीज डीड पर स्टांप नहीं लगाने वाले 200 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। अब विभाग की तैयारी ऐसे सभी मामलों को स्टांप के दायरे में लाने की है। जल्द ही इसके लिए सर्वे आदि कर किराये पर उठी बड़ी संपत्तियों को चिह्नित किया जाएगा।
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विभाग के मुताबिक सर्किल रेट बढ़ने से जमीनों के मूल्य पर ही नहीं बल्कि आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के किराए की दरें भी बढ़ गई हैं। इन पर लगने वाले स्टांप मद में प्रशासन को चालू वित्तीय वर्ष में करीब 70 लाख रुपये तक राजस्व अतिरिक्त मिलने का अनुमान है। अब तक लीज डीड मद में प्रशासन को करीब 1.25 करोड़ रुपये तक मिलते हैं।


जिले में नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत क्षेत्र में किराये की डीड होने पर कुल वार्षिक किराये पर दो फीसदी स्टांप शुल्क और विकास शुल्क पर दो फीसदी का स्टांप लगता है। इस तरह कुल रकम पर चार फीसदी स्टांप लगता है। जिले में सबसे अधिक किराए की दरें शहरी क्षेत्र में हैं।
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शहर में इन क्षेत्र में है सबसे अधिक किराए की दरें (आवासीय)

रामघाट रोड पर

- औसत किराया (टूबीएचके)- 10 हजार से 15 हजार रुपये प्रति माह



- औसत प्रॉपर्टी रेट-8500 रुपये प्रति वर्ग फीट

सिविल लाइन



- औसत किराया- 5 हजार से 12 हजार रुपये तक

- औसत प्रॉपर्टी रेट- 7 हजार रुपये प्रति वर्ग फीट



एडीए कॉलोनी-



- औसत किराया - 5 हजार से 10 हजार रुपये तक



- औसत प्रॉपर्टी रेट- 6500 रुपये प्रति वर्ग फीट



मैरिस रोड



- औसत किराया- 6 हजार से 15 हजार रुपये तक



- औसत प्रॉपर्टी रेट- 5500 रुपये प्रति वर्ग फीट

शहर के मुख्य व्यावसायिक क्षेत्र



सेंटर प्वाइंट, समद रोड, मैरिस रोड, रेलवे रोड, ढपरा रोड, सरायहकीम, बारहद्वारी, महावीरगंज, आमिर निशा, दुबे का पड़ाव, आगरा रोड, केला नगर, किशनपुर तिराहा, क्वार्सी चौराहा, लक्ष्मीबाई मार्ग।









नए सर्किल रेट से पहले दिन हुए 10 बैनामे


तहसील कोल में नए सर्किल रेट के प्रभावी होने के साथ ही 10 बैनामे हुए। तहसील प्रशासन के मुताबिक पुराने बैनामों की जो प्रक्रिया चल रही थी उसमें पुरानी दरें ही लागू रहीं। इस प्रकार के भी करीब 40 बैनामे हुए।

- सर्किल रेट बढ़ने से आवासीय और व्यवसायिक संपत्तियों के किराये की दरें बढ़ना स्वाभाविक है। किराये की कुल वार्षिक रकम पर चार फीसदी का स्टांप लगता है। उसमें भी वृद्धि होगी। इससे 20-40 फीसदी तक राजस्व लाभ की उम्मीद है। - ब्रजेश सिंह, एआईजी स्टांप
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