1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अन्य तहसीलों के स्कूल ठप हो गए थे। सिर्फ हाथरस और इगलास में ही स्कूल चलते रहे। इनकी संख्या 91 थी। इनमें कुल 1209 विद्यार्थी हुआ करते थे। ग्रामीण सरकारी स्कूल व्यवस्था को हलकाबंदी कहा जाता था। पहले यह हाथरस और इलगास तक ही सीमित रही। 1963 में सिकंदराराऊ और अन्य क्षेत्रों में भी स्कूल खोले गए। 1858 से 1868 के दशक में स्कूलों के लिहाज से ठीकठाक प्रगति देखी गई।
तहसील स्कूल के साथ पहला अंग्रेजी और स्थानीय भाषा का मिलाजुला स्कूल 1858 में अलीगढ़ में खोला गया। इसका दर्जा मौजूदा समय के हाई स्कूल के बराबर था। 1870 में स्कूल का नया भवन बनवाया गया। 1859 में इगलास में खोला गया स्कूल बेसवां में स्थानांतरित कर दिया गया। 1881 मं अकबराबाद का स्कूल विजयगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया। 1864 में इसी तर्ज पर एक स्कूल सिकंदराराऊ और हाथरस में खोला गया। इसके एक साल बाद अतरौली में स्कूल खोला गया। ये सभी स्कूल 1900 तक चलते रहे। इन स्कूलों को वित्तीय मदद स्थानीय निकायों की आमदनी और दूसरे स्थानीय स्रोतों से की जाती थी।
1863 में कोल में खोला गया था लड़कियों का पहला सरकारी स्कूल
कोल (अलीगढ़ सदर) तहसील में लड़कियों के लिए पहला सरकारी स्कूल 1863 में खोला गया था। इसके अगले साल लड़कियों के 42 स्कूल जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में खोले गए। लेकिन छात्राओं की संख्या कम होने की वजह से इनकी संख्या कम हो गई।
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स्रोत- अलीगढ़ गजेटियर 1909