दिल्ली में रहने वाली छत्तीसगढ़ की युवती संग गैर समुदाय के युवक ने खुद को हिंदू बताकर शादी कर ली। अब दो साल बाद युवती जब अपने पति संग यहां उसकी रिश्तेदारी में आई तो उसके गैर समुदाय का होने का भेद खुला। इसके बाद शुक्रवार को प्रकरण ने तूल पकड़ लिया। पूर्व मेयर सहित तमाम लोग युवती के समर्थन में लोधा थाने पहुंच गए। जहां युवती की तहरीर पर युवक व उसकी बहनों के खिलाफ मुकदाम दर्ज किया गया है।
घटनाक्रम के अनुसार मूल रूप से छत्तीसगढ़ के ठेड़ गम्हरिया थाना बगीची की रहने वाली पूजा सोनी कई साल से दिल्ली के जन्नत अस्पताल में आया की नौकरी करती है और अपनी रिश्तेदार महिला के पास सिकंदरपुर दिल्ली में रहती है। इसी दौरान फोन के जरिये उसकी एक युवक से बातचीत शुरू हुई, जिसने खुद का नाम अशोक राजपूत बताया और दोनों में मुलाकात के बाद प्यार हो गया। दोनों ने सिकंदरपुर के ही एक मंदिर में 25 मार्च 2019 को शादी कर ली। दोनों वहीं साथ रहने लगे। दंपती को एक बेटी भी हुई।
अब 22 मार्च को अशोक उसे अपनी बहनों के घर लोधा के गांव राइट लेकर आया तो उसे पता चला कि युवक हिंदू नहीं मुसलिम है। उसका असल नाम अफजल पुत्र अली हसन है और विवाहित बहनों का नाम बानो व नाजमा है। उसने यह देख जब ऐतराज जताया तो आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई। इतना ही नहीं, यह भी कहा गया कि अगर उसे रहना है तो उनके तौर तरीके सीखने होंगे और उनके अनुसार रहना होगा। इस दौरान उसे पीटा भी गया। बाद में उसे युवक वहीं छोड़कर भाग गया। मगर महिला विरोध करती रही। किसी तरह महिला शुक्रवार को बन्नादेवी थाने पहुंची। वहां से उसे लोधा भेजा गया। इसी बीच शाम को खबर पर पूर्व मेयर शकुंतला भारती आदि भी पहुंच गए। जहां प्रकरण समझने के बाद पहले तो उसकी बच्ची को लेकर आया गया। बाद में महिला की ओर से दी गई तहरीर पर मारपीट व 3/5 विधि विरुद्ध विवाह धर्म अधिनियम 2020 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ गभाना करमवीर सिंह के अनुसार मुकदमे के बाद युवती को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। साथ में अन्य कार्रवाई जारी हैं।
योगी सरकार के अधिनियम का जिले में पहला मुकदमा
धर्म छिपाकर शादी करने के मामले में प्रदेश सरकार ने 3/5 विधि विरुद्ध विवाह धर्म अधिनियम 2020 लागू किया था। यह उस अधिनियम के तहत जिले में पहला मुकदमा है।