जिले की नोडल अधिकारी व प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग नितिन रमेश गोकर्ण ने बृहस्पतिवार को जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने संक्रमण की प्रभावी रोकथाम के लिए जीवन रक्षक दवाओं के भंडारण के साथ ज्यादा से ज्यादा सैंपलिंग व टीकाकरण कराने के आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि गांव-गांव सक्रिय निगरानी समितियाें के कामों की सघन मॉनीटरिंग कराई जाए। कोविड के मामलों में शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरश: पालन कराया जाए।
उन्होंने कहा कि निगरानी समितियों के माध्यम से 18 वर्ष की अधिक आयु के कोविड टीकाकरण की प्रथम व द्वितीय खुराक से वंचित व्यक्तियों का चिह्नांकन करा लिया जाए। इसके बाद इनका टीकाकरण सुनिश्चित कराया जाए। मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के टीकाकरण में जनपद में तीव्र गति से कार्य हो रहा है। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि लक्षण युक्त मरीजों को निगरानी समिति के माध्यम से मेडिसिन किट का वितरण किया जाए और गांव में सैनिटाइजेशन का कार्य निरंतर किया जाए। मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाए। निगरानी समितियां प्रतिदिन गांव व वार्डों में घर-घर जाकर सर्वे करें। संदिग्ध या लक्षणयुक्त मरीजों को मेडिकल किट उपलब्ध कराएं।
प्रमुख सचिव ने जनसामान्य के साथ ही निराश्रित गोवंशों को शीतलहर से सुरक्षित रखने के लिए निर्देशित करते हुए कहा है कि अभी सर्दी बढ़ेगी। सर्दी के कारण किसी की मृत्यु न होने पाए। उन्होंने नगर निगम को ठंड से बचाव के उचित प्रबंध करने और रात्रि में अलाव जलवाने के निर्देश दिए। उप नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता ने कहा कि नगर निगम द्वारा विभिन्न स्थानों पर 620 क्षमता के शेल्टर होम संचालित करने के साथ अलाव भी जलाए जा रहे हैं। डिप्टी सीवीओ डॉ. रमेश चंद्र ने बताया कि जिले में 160 गोशालाएं संचालित हैं। इनमें 28,974 गोवंश संरक्षित हैं। शीतलहर से बचने के लिए समुचित उपाय किए जा रहे हैं।
कोविड कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण
प्रमुख सचिव ने बैठक के बाद कोविड कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर कार्यप्रणाली को समझा। कंट्रोल रूम प्रभारी व सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि टेस्ट, ट्रेस एवं ट्रीटमेंट की नीति के साथ ही टीकाकरण के माध्यम से कंट्रोल रूम द्वारा संक्रमितों की सभी आवश्यक जरूरतों को पूरा किया जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अंकित खंडेलवाल ने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में टीका, दवाएं एवं संसाधन उपलब्ध हैं। टीकाकरण बढ़ाने के निरंतर जोर दिया जा रहा है। राशन वितरण के दौरान भी गहन मॉनीटरिंग कर बड़ी संख्या में लोगों को प्रतिरक्षित किया जा रहा है। जिले में 73 हेल्प डेस्क संचालित हैं। 1517 निगरानी समितियां संचालित हैं। मरीजों को अस्पताल लाने व ले जाने के लिए 36 एंबुलेंस कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि जिले में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। कोविड की दूसरी लहर के दौरान जिले में स्थापित किए गए 12 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों से आक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता है। जिले के विभिन्न चिकित्सालयों में 73 वेंटिलेटर बेड उपलब्ध हैं। 14 मरीज चिकित्सालयों में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं, जो भी पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं, वह तीन से चार दिन में ठीक हो रहे हैं। जिले में कोविड नियंत्रण के लिए 687 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। कोविड सैंपलिंग प्रभारी व जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि 18 से 44 वर्ष आयु के 1662585 को प्रथम एवं 897065 को द्वितीय खुराक दे दी गई है। 44 से 59 वर्ष आयु के 4,77,725 व्यक्तियों को प्रथम एवं 3,24,015 को द्वितीय खुराक दे दी गई है। 15 से 18 आयु वर्ग के 93,358 बच्चों को प्रथम खुराक दे दी गई है।