मोहन लाल महिला अस्पताल में फायर सिस्टम
- फोटो : संवाद
झांसी अग्निकांड के बाद भी अलीगढ़ जिले के अस्पताल संचालकों की नींद नहीं खुली है। अब भी जिले में 250 अस्पताल ऐसे संचालित हैं जिनके पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं है। ऐसे में अगर कोई हादसा हो जाता है तो भर्ती मरीजों को बचाना मुश्किल हो जाएगा। जिम्मेदार अभी भी इसके प्रति लापरवाह बने हुए हैं।
शहर से लेकर गांव-गली में खुले 477 नर्सिंग होम और अस्पतालों में से 227 अस्पतालों ने अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र ले रखा है। अनापत्ति प्रमाण पत्र न लेने वाले अस्पतालों में आग लग जाए तो घटना बड़ी हो सकती है, क्योंकि उनके पास आग से निपटने की समुचित व्यवस्था नहीं है।
समय-समय पर अस्पतालों की जांच की जाती है। जिले में करीब 477 नर्सिंग होम और अस्पताल हैं, जिनमें 227 अस्पतालों ने अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र ले रखा है। बाकी 250 अस्पतालों के पास अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं है। इन अस्पतालों को कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं। अब प्रशासनिक अधिकारियों को इस मामले में अवगत कराया गया है। - संजीव शर्मा, अग्निशमन अधिकारी, अलीगढ़
जिन अस्पतालों के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं है, उनके खिलाफ 25 नवंबर से अभियान छेड़ा जाएगा। अस्पताल संचालकों से जानकारी ली जाएगी कि आखिर उन्होंने अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र क्यों नहीं लिया। जो अस्पताल संचालक प्रमाण पत्र नहीं लेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ, अलीगढ़