धनीपुर हवाई पट्टी पर खड़े चार्टेड प्लेन।
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मनी एयरपोर्ट में तब्दील हो रही धनीपुर हवाई पट्टी उड़ान भरने वालों के लिए बड़ी सौगात बनने जा रही है तो स्थानीय लोगों के लिए कुछ बंदिशें भी बढ़ा रही है। मिनी एयरपोर्ट बनने के बाद आसपास के इलाके की जमीनों की कीमत बढ़ने की संभावना है, तो दूसरी ओर सड़क व नाली जैसे निर्माणों के लिए भी अब भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से एनओसी की अनिवार्यता जरूरी हो गई है। शासन ने इसके आदेश कर दिए हैं।
दरअसल, मिनी एयरपोर्ट के निर्माण के बाद इसके एक किमी का क्षेत्र प्रतिबंधित हो जाएगा। जिसके बाद स्थानीय लोगों को अपनी ही जमीन पर मकान, दुकान या अन्य निर्माण के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाणपत्र अनिवार्य रूप से लेना होगा। अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) को इस प्रतिबंधित क्षेत्र का नक्शा पास न करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पूर्व में बिना नक्शे के बने भवनों के खिलाफ कार्यवाही के लिए कहा गया है।
एडीए के अधिशासी अभियंता डीएस भदौरिया ने बताया कि प्रतिबंधित क्षेत्र में मकान, दुकान और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के अलावा सड़क व नाली निर्माण के लिए भी एनओसी अनिवार्य होगी। सभी एनओसी भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण जारी करेगा।
प्राधिकरण की वेबसाइट पर होगा आवेदन
निर्माण कार्य के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की वेबसाइट पर सर्टिफिकेट एप्लीकेशन सिस्टम पर आवेदन करना होगा। इसमें दिए प्रावधानों के अनुसार कोई भी आवेदक वास्तुविद के माध्यम से ही एनओसी के लिए आवेदन कर सकेगा।
- धनीपुर हवाई पट्टी के आसपास निर्माण के लिए संबंधित व्यक्ति को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से एनओसी लेनी होगी। एडीए किसी का नक्शा पास नहीं करेगा।
- प्रेम रंजन सिंह, उपाध्यक्ष, एडीए