अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने कहा कि हम भारतीय मुसलमान हैं। हमारी देशभक्ति पर सवाल खड़ा करने का हक किसी को नहीं है। हम किसी को प्रूफ भी नहीं देंगे। हमने अपना इरादा विभाजन के समय ही दिखा दिया था।
सलमान इम्तियाज सोमवार को एएमयू छात्र संघ के अधिष्ठापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, उपाध्यक्ष हमजा सूफियान एवं सचिव हुजैफा आमिर को गाउन एवं माला पहनकर अभिनंदन किया। सलमान इम्तियाज ने कहा कि वह लीगल नेटवर्क बनाएंगे।
इसके लिए रामजेठमलानी, एम काटजू एवं फैजान मुस्तफा जैसे कानून के विशेषज्ञों से मदद लेंगे। उन्होंने बातचीत शुरू कर दी है। इनके साथ मिलकर हमलोग हक की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने ऑक्सफोर्ड की तरह मीडिया नेटवर्क बनाएंगे, ताकि यूनियन एवं एएमयू की बात विश्व स्तर पर हो सके। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने एएमयू छात्र-छात्राओं से संबंधित समस्याओं को बुलंदी से उठाया और उसका समाधान कराने का आश्वासन दिया।
उन्होंने विरोधी छात्र नेताओं की भी जमकर खबर ली और कहा कि हाजी जमीरउल्लाह खान के बेटे से उनका बचपन का ताल्लुकात है। यूनियन ने अभी काम करना शुरू नहीं किया और लोग बिकने का आरोप लगाने लगे। लॉबिज्म की जड़े निकाल फेंके है, इन्हें बर्दाश्त नहीं हो रहा है। मेरे बीबी पर सवाल उठाया जाता है कि उनके एप्वाइंटमेंट के लिए चुनाव लड़ा हूं।
वह जेआरएफ एवं नेट है। आरोप लगाने वाले दलाली करते है और शेरवानी बेच देते हैं। सब लोग जानते है कि यूनियन हॉल पर किसने कट्टा निकाला। उन्होंने कहा कि सौदेबाजी करने वालों का शेरवानी उतार फेंकूंगा और काम कर यूनियन का मयार एवं वकार लौटाना है। कल से तमाम गेट खुलवा देेंगे। जेएन मेडिकल कॉलेज के बहुत से डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। उन्हें नहीं छोड़ेंगे।
मुसलमानों के शहरों का नाम बदलकर वजूद मिटाने की कोशिश : सूफियान
उपाध्यक्ष हमजा सूफियान ने कहा कि मुसलमानों के शहरों का नाम बदलकर वजूद मिटाने की कोशिश हो रही है। ऐसी सूरत में जंग लाजिमी है। उन्होंने कहा कि वह किसी हिंदी या संस्कृत का विरोधी नहीं है। लेकिन उर्दू की बात एएमयू में नहीं करेंगे तो क्या बीएचयू में इसकी बात होगी। पूर्व कुलपति ने कैंपस में साइन बोर्ड हिंदी में लिखवा दिये। ऐसी गलतियों को दुरुस्त किया जाए। एएमयू में उर्दू के साथ इंसाफ नहीं होगा तो कहां होगा। उन्होंने कहा कि एएमयू के गिरते हुए वकार को बचाया जाए और उसे बुलंदी पर पहुंचाया जाए। एएमयू के भाईयों को जो बरगलाने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त रहूंगा। उल्लेखनीय है कि विरोधी छात्र नेताओं ने आरोप लगाया था कि बाब-ए-सैयद पर धरने पर बैठे छात्रों के साथ उपाध्यक्ष हमजा सूफियान से कड़े शब्दों का प्रयोग किया था।
जहां से तकरीर करते हैं, क्या उनके बाप-दादा लेकर आए थे : हुजैफा
सचिव हुजैफा आमिर ने कहा कि जो लोग अंग्रेजों की जी हजूरी करते थे, अब हमसे सवाल पूछते हैं। शहरों का नाम बदल कर हमें मिटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वह सोशल मीडिया पर लिखें कि देश को ताज महल एवं कुतुब मीनार किसने दिया। मुसलमानों को दो नंबर का शहरी समझने वालों से पूछिए कि जहां से वह तकरीर करते हैं, क्या उनके बाप-दादा लेकर आए थे। 1857 में हमने लाशों की नुमाइश लगा दी थी और आज हमसे पूछते है कि मुल्क को क्या दिया। आमिर ने कहा कि पिछले 70 साल से देश में दो पार्टियां है। एक हार्ड हिंदू एवं दूसरा सॉफ्ट हिंदू। एक आगे से हमला करता है दूसरा पीछे से। अपनी कमियों को छुपाने के लिए मजहब का इस्तेमाल करता है। हुजैफा आमिर ने अपने संबोधन के दौरान मंच पर बैठे कुलपति पर भी जोरदार हमला बोला। जिला प्रशासन के आगे-पीछे घूमने के आरोप पर वीसी नाराज हो गये और बीच में आमिर को टोक दिया और कहा कि तुम झूठ बोल रहे हो। हाजिर जवाब आमिर फिर पूछ बैठा कि इस तरह कभी हुकूमत से बात किये हैं, जैसे हमसे कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी की जमीन, नियुक्ति, नामांकन आदि को लेकर भी आमिर ने कुलपति पर जमकर हमला किया। उनके भाषण के दौरान इंतजामिया के लोग काफी नाराज नजर आए।