विकास की आस जगाते घर-घर घूम रहे राजीव
- फोटो : Rupesh
उत्तर प्रदेश में जिसकी सरकार उसी के रंग में रंगी गई रोडवेज बसें। बसपा शासन काल में खरीदी गई बसों का रंग नीला था तो सपा सरकार ने लाल रंग से रोडवेज बसों को पुतवा दिया था। अब बारी योगी सरकार की आई है। योगी सरकार ने भगवा रंग की बसों को सड़कों पर उतारा है।
हालांकि यूपी में भगवा रंग की बसें चलाने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक साल पहले ही कर चुके थे और 25 सितंबर को हरी झंडी दिखाकर लखनऊ से बसों को रवाना किया था। इसी क्रम में अलीगढ़ रीजन को भी भगवा रंग की पांच बसें मिल गई हैं। इसमें से तीन अलीगढ़ डिपो के हिस्से में आई हैं तो दो बसें एटा डिपो को मिली हैं।
अलीगढ़ डिपो की बसें को क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय के बराबर में बने वर्कशाप में तथा एटा को मिली बसों को एटा वर्कशॉप में खड़ा कर कागजी कार्यवाही पूरी की जा रही है। कागजी कार्यवाही पूरी होने के बाद इन्हें जरूरत के हिसाब से सड़कों पर दौड़ाया जाएगा।
सोमवार को अलीगढ़ रीजन को भगवान रंग से रंगी पांच बसें मिल गई। क्षेत्रीय प्रबंधक जेडए नोमानी के निर्देश पर तीन बसों को अलीगढ़/बुद्ध विहार वर्कशॉप में तथा दो को एटा डिपो के वर्कशॉप में खड़ा कर कागजी कार्यवाही पूरी की जा रही है। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि अभी 33 बसें और बेड़े में शामिल होनी हैं। उन्होंने परिवहन मंत्री को 33 बसों की डिमांड भेजी है। सभी बसें मिलने के लंबी दूरी तथा छोटी दूरी पर इन बसों का संचालन कराया जाएगा।
बस की खासियत
रोडवेज के अधिकारियों के अनुसार इन भगवा रंग की एक बस को बनाने में करीब 24 लाख रुपये की लागत आई है। इस बस की सबसे बड़ी खासियत है कि इन बसों में यूरो फोन इंजन मॉडल का प्रयोग किया गया है। इससे प्रदूषण का खतरा कम होगा।