देशभर में चर्चा का मुद्दा बनी दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में हुई जमात से अलीगढ़ के लिए राहत की खबर आई है। इस जमात में अलीगढ़ का कोई व्यक्ति शामिल नहीं था। जिला प्रशासन ने मंगलवार को निजामुद्दीन मरकज से जमात में शामिल लोगों से जानकारी मांगी थी, जिसके जवाब में 357 लोगों का ब्योरा दिया गया, जो कि संपूर्ण उत्तर प्रदेश से इस जमात में गए थे। इनमें अलीगढ़ का कोई भी नाम नहीं निकला है।
सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से जमात में शामिल होने वाले लोगों की जानकारी शासन के माध्यम से वहां के आयोजकों से मांगी गई थी। उन्होंने पूरी यूपी की लिस्ट जारी की है, जिसमें 357 लोगों के जमात में शामिल होने का जिक्र है। मगर, अलीगढ़ का एक भी व्यक्ति इसमें शामिल नहीं था। इससे थोड़ी राहत मिली है। अन्य जो जमातियों को जिले में चेकिंग के दौरान विभिन्न मस्जिदों के पकड़ा गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है कि क्या वे निजामुद्दीन की इस जमात में शामिल होकर आए थे या नहीं। इसके साथ ही क्वारंटीन किए गए दिल्ली-एनसीआर के प्रवासियों से भी पूछताछ की जा रही है कि वह वे निजामुद्दीन इलाके में हुई जमात में शामिल लोगों के संपर्क में आए थे या नहीं।
तीन महीने चले बवाल में कहां थे ये जमाती?
अलीगढ़। दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में जमातियों के कोरोना संक्रमित होने की खबर से जहां पूरा देश हिल गया है। लगातार जमातियों की तलाश जारी है। इस खोज के दौरान पता चला रहा है कि कोई दो माह से ठहरा हुआ है तो कोई एक माह से है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि उस समय जब सीएए-एनआरसी को लेकर विरोध चल रहा था। उस समय ये कहां थे। उस समय इनकी क्या भूमिका थी। इन सवालों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इनके कनेक्शन पर ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई कुछ बताने से बच रहा है।
स्थानीय जमात दफ्तर पहुंची एलआईयू टीम
अलीगढ़। पुरानी ईदगाह शाहजमाल स्थित जमात के दफ्तर में जमातियों के बारे में जानकारी लेने एलआईयू टीम पहुंची। मुफ्ती हारुन से यहां से कितनी जमातें गईं और कितनी अलीगढ़ की मस्जिदों में है, की जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि जो जमातें मरकज से सीधे आती हैं, उसकी जानकारी उनके पास नहीं होती हैं। अलीगढ़ से दिसंबर में जमात सागर के लिए गई थी। इसके बाद दफ्तर से कोई जमात नहीं गई है। जमात के जिम्मेदारों ने बताया कि दो जमातें अलीगढ़ में हैं, जिसकी जानकारी पुलिस को दे दी गई है। एक जमात रंगरेजान मस्जिद व दूसरी जमात भुजपुरा स्थित हमजा मस्जिद में है।