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बैंकों में नहीं पैसे, आखिर तनख्वाह बांटें कैसे

Fri, 02 Dec 2016 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
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बैंकों में नहीं पैसे, आखिर तनख्वाह बांटें कैसे
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 रिजर्व बैंक से करेंसी न आने से बैंकों में स्थिति खराब है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि स्टेट बैंक की कुछ शाखाओं को छोड़कर जिले की 90 फीसदी बैंकों में कैश खत्म हो गया है। कमोबेश यही स्थिति एटीएम की है। जो बैंक काम भी कर रहे हैं, उनसे भी ग्राहकों को नाममात्र का पैसा मिल रहा है। ऐसे में कर्मचारियों को पूरी तनख्वाह या फिर निर्धारित एक सप्ताह में 24 हजार भी मिल पाएंगे, इसमें संदेह ही है। किसी भी तरह देने का प्रयास भी किया गया तो लाइन में लगी जनता को क्या जवाब देंगे।  
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नोटबंदी के बाद से अब तक रिजर्व बैंक एक बार को छोड़कर दोबारा नई करेंसी नहीं भेज सका है। नकदी की कमी से करीब एक माह तक जूझने के बाद बैंकों की स्थिति भी इस कदर जर्जर हो गई है कि जिले की 90 फीसदी बैंकों का कोष खाली हो गया है और 95 फीसदी एटीएम जवाब दे चुके हैं। दिसंबर माह शुरू हो चुका है। माह की शुरुआत में कर्मचारियों को तनख्वाह मिलनी है। ऐसे में बैंकों पर दबाव और बढ़ गया है।
ऐसे में कर्मचारियों को पूरी तनख्वाह मिलेगी अथवा नहीं, इस पर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल वर्तमान में कार्यरत् बैंक ग्राहकों को दो से चार हजार रुपये देकर काम चला रहे हैं। ऐसे में पिछले माह अपनी तनख्वाह निकालने को तरस गया कर्मचारी भी इस बार एक सप्ताह में 24 हजार निकालने की छूट का फायदा उठाकर अपने खर्चे पूरे करने को लालायित होगा। बैंकों की मजबूरी है कि वे कर्मचारियों को एक साथ 24 हजार रुपये कैसे और कहां से देंगे।
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यदि देने का प्रयास करेंगे तो क्या घंटों से लाइन में लगकर नकदी का इंतजार कर रहे आम लोग नाराज नहीं हो जाएंगे। यदि ऐसा हुआ तो स्थिति कैसे संभलेगी। लीड बैंक प्रबंधक आनंद गर्ग ने स्वीकार किया कि कर्मचारियों की तनख्वाह बांटना बैंकों के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा। उन्होंने बताया कि रिजर्व बैंक से करेंसी न आने से जिले में 90 फीसदी बैंक शाखाओं के पास नगदी नहीं बची है।  
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