राजनीतिक रसूख रखने वाले पूर्व एएमयू छात्रों ने अपनी गर्लफ्रेंडों को खुश करने के लिए ऐसी साजिश रची कि पेपर आउट करने वाला पेपर सॉल्वर गैंग ही बना डाला। मगर उन्हें शायद नहीं पता था कि वह अपनी ही साजिश में बुरी तरह फंस रहे हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की एमबीए प्रवेश परीक्षा का रविवार को पेपर आउट होने के मामले में गिरफ्तार सरगना और उसके साथियों सहित चारों आरोपियों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ है। अभी इस गैंग के तीन सॉल्वर व एक गर्लफ्रेंड फरार है, जिनकी पुलिस टीमें तलाश कर रही हैं।
पुलिस ने चारों को सोमवार को जेल भेज दिया। इस दौरान मीडिया के सामने हुई बातचीत में यह सार्वजनिक हुआ कि पकड़ा गया सरगना मेयर का करीबी युवा बसपा नेता है, जबकि उसका साथी कन्नौज के जिला पंचायत अध्यक्ष सपा नेता तहसीम सिद्दीकी का भांजा है। दोनों एएमयू के पूर्व छात्र हैं, जबकि फरार आरोपियों में एक एएमयू का मौजूदा छात्र है।
एसएसपी आकाश कुलहरि ने सोमवार को पुलिस कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि रविवार को एएमयू के रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद द्वारा एमबीए प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक होने की खबर दी गई। इस सूचना पर सीओ तृतीय अनिल समानिया के नेतृत्व में सिविल लाइंस पुलिस व सर्विलांस की टीमें बनाकर कार्यवाही शुरू की गई। टीमों ने एएमयू पहुंचकर जांच की तो पता चला कि युवा बसपा नेता पूर्व एएमयू छात्र फिरोज आलम उर्फ राजा व कन्नौज के सपा नेता एएमयू के पूर्व छात्र हैदर ने 4-4 हजार रुपये का लालच देकर एएमयू के अस्थायी कर्मचारी मो.इरशाद व तारिक खान की मदद से गैर हाजिर छात्रों के पेपर में से एक पेपर चोरी कराया। यहां से फिरोज व हैदर अपनी सफेद सफारी संख्या यूके 04 एच/1008 से पेपर मेडिकल रोड पर अहमद अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 8 (आरोपी हैदर के सपा नेता मामा का फ्लैट है, जिसमें खुद हैदर रहता है) में पहुंचे, जहां पहले से मौजूद सॉल्वरों ने उसे आनन-फानन सॉल्व कर उसकी आंसर की तैयार की। जिसे व्हाट्सएप के जरिये हैदर ने अपनी प्रेमिका को भेजा। साथ में कुछ पर्चियां भी आंसर की के रूप में बनाकर चोरी किए गए पेपर सहित एएमयूकर्मी इरशाद को सौंप दीं। इरशाद को चोरी किया पेपर वापस बंडल में रखना था। मगर वह पेपर बंडल में नहीं रख पाया।
हां, उसने आंसर की की पर्चियां जरूर उन अभ्यर्थियों को बांट दीं, जिनके विषय में हैदर व राजा ने उन्हें बताया था। पेपर कम होने के शोर पर मामला फंस गया और जब शक के दायरे में आए तारिक व इरशाद से पूछताछ हुई तो उन्होंने सोशल साइंस विभाग की दूसरी मंजिल से फटा हुआ पेपर बरामद कराने के साथ पेपर आउट होने का पूरा भेद भी खोल दिया। इस आधार पर पुलिस ने एएमयू के परीक्षा अधीक्षक प्रो.डॉ.अदम मलिक खान व की तहरीर पर सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम व धोखाधड़ी, साजिश आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चारों को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी में मिलीं आंसर की, रुपये और पेपर, पांच मोबाइल
पुलिस ने अहमद अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-8 की तलाशी में कुछ बुकलेट, आंसर शीट की कार्बन कापी, कुछ सामग्री के अलावा इरशाद के घर से दो शीलबंद पेपर, एक अन्य पेपर आदि बरामद किया। इसके अलावा 5 मोबाइल भी बरामद किए हैं, जिनसे व्हाट्सएप के जरिये आंसर की भेजने के साक्ष्य मौजूद हैं। इनसे सफारी गाड़ी के अलावा कुल 23 हजार 316 रुपये भी मिले हैं।