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अधेड़ नहीं नाबालिग ने किया दुष्कर्म

Mon, 18 Apr 2016 01:49 AM IST
अलीगढ़/ब्यूरो
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दुष्कर्म
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 महानगर के लड़िया इलाके के मोहल्ला अनारकली में शनिवार शाम आठ साल की दलित बच्ची से दुष्कर्म की घटना में सुबह होते-होते नया मोड़ आ गया। पब्लिक ने जिस अधेड़ को दुष्कर्म का आरोपी समझ दबोचकर पुलिस के हवाले किया। वह असल आरोपी नहीं, बल्कि एक नाबालिग ने इस घटना को अंजाम दिया। रात भर की जांच और सुबह होश आने पर बच्चे के बयान के बाद तस्वीर साफ होने पर पुलिस ने असल आरोपी दबोच लिया।
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बाद में उसकी डीएनए सैंपलिंग कराते हुए जेल भेज दिया। इधर, इलाके में घटना के बाद से तनाव है। पब्लिक की मांग है कि जिस घर में घटना हुई, उसके स्वामी को भी आरोपी बनाया जाए। दोपहर में मेयर सहित भाजपाइयों के पहुंचने पर वहां दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मगर पुलिस व पीएसी की मौजूदगी के चलते माहौल किसी तरह सामान्य हो गया।
यह वाकया शाम करीब पांच बजे घटित हुआ। बच्ची को टॉफी व 50 रुपये का नोट देने के बहाने एक डिब्बे बनाने वाले कारखाने में ले जाकर दुष्कर्म किया गया। जब बच्ची रोती हुई घर पहुंची और उसका खून से सना शरीर देखा तो मां को शक हुआ।
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मगर बच्ची कुछ बताने से पहले बेहोश हो गई। उस समय बच्ची को पहले जिला अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। उसी समय किसी ने शोर मचाया कि अधेड़ उम्र के नसीम के साथ बच्ची को देखा गया था। बस यह सुनते ही पब्लिक ने नसीम को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुटी थी। देर रात तक एसओ व सीओ मेडिकल में बच्ची के होश आने का इंतजार कर रहे थे। तभी रात दो बजे बच्ची ने अपनी बहन को बताया कि डिब्बा बनाने वाले ने यह गंदा काम किया है। इस पर पुलिस को कुछ संदेह हुआ।
बाद में जांच पड़ताल होते-होते सुबह पांच बजे करीब 17 वर्षीय नाबालिग आरोपी का नाम सामने आया। यह भी पता चला कि वह बच्ची को हाथ पकड़कर ले जाते देखा गया। इस पर पुलिस ने उस नाबालिग को पकड़ा और उसका फोटो बच्ची को दिखाया तो उसने देखते ही पहचान लिया।
साफ-साफ कहा कि यही वह आरोपी है। इसके बाद पुलिस से नाबालिग आरोपी को घटनास्थल दिखाने के लिए ले जाया गया तो उसने कारखाने का वह घटनास्थल और वहां खून से सना तौलिया आदि भी दिखाया। इसके बाद उसने खुद अपना जुर्म कुबूल कर लिया। तब जाकर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। आरोपी का डीएनए सैंपल भी लिया और अदालत में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया। इधर, मसला दो पक्षों से जुड़ा होने के कारण सुबह से ही पुलिस व पीएसी तैनात कर दी गई थी।
दोपहर में मेयर शकुंतला भारती, हिंदूवादी सत्तो नवमान आदि भी पहुंचे तो वहां लोगों ने डिब्बा कारखानेदार को भी आरोपी बनाने की मांग रखी। तर्क था कि उसके घर में यह हुआ और किसी ने बताया तक नहीं। इस बात पर वहां दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और तनाव जैसी स्थिति बनी। मगर मेयर ने पुलिस अधिकारियों से वार्ता की और उन्हें आश्वासन मिला। तब मामला शांत हुआ। इधर, बच्ची की हालत में लगातार सुधार है। जहां सामाजिक कार्यकत्री मारिया आलम ने भी पहुंचकर बच्ची का हाल जाना।
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