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नगर निगम की लापनवाही: बकाया नहीं फिर भी किया मकान सील, चार घंटे कैद रहे दादी-पोता, छूटी बच्चे की परीक्षा

Sat, 28 Feb 2026 10:43 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

मकान नंबर 2297 पर 7,194 रुपये का संपत्ति कर जुलाई में ही जमा कर दिया था। रसीद भी थी, लेकिन नवंबर में निगम के कर विभाग ने 57,446 रुपये का संपत्ति कर का नया बिल थमा दिया। परिवार ने विभाग में जाकर रसीद दिखाई, लेकिन अधिकारियों ने कान पर जूं तक नहीं रेंगने दी।
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सील किया मकान - फोटो : स्वयं
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विस्तार
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अलीगढ़ नगर निगम के संपत्ति कर विभाग की लापरवाही और मनमानी एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। आवास विकास कॉलोनी के निवासी स्व. गंगा सिंह के परिवार को संपत्ति पर बकाया दिखाकर 27 फरवरी को घर सील कर दिया। जिससे उनके पोते अंशुमन सिंह की नौवीं कक्षा की परीक्षा छूट गई।

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वार्ड नंबर 19 के आवास विकास कालोनी निवासी गंगा सिंह का निधन 2018 में हो गया। उनके परिजनों ने अपने मकान नंबर 2297 पर 7,194 रुपये का संपत्ति कर जुलाई में ही जमा कर दिया था। रसीद भी थी, लेकिन नवंबर में निगम के कर विभाग ने 57,446 रुपये का संपत्ति कर का नया बिल थमा दिया। परिवार ने विभाग में जाकर रसीद दिखाई, लेकिन अधिकारियों ने कान पर जूं तक नहीं रेंगने दी। 27 फरवरी को करीब साढ़े आठ बजे कर संग्रहक प्रभात गौतम के साथ निगम की टीम पहुंच गई। आवास के बाहर नोटिस चस्पा कर बिना सोचे-समझे मकान पर सील लगा दी, जिससे गंगा सिंह की पत्नी और पोता अंशुमन अंदर कैद हो गया।

अंशुमन गगन पब्लिक स्कूल में कक्षा नौ का छात्र है। 27 फरवरी को उसकी सुबह 10 बजे से केमिस्ट्री की परीक्षा थी। किसी तरह से अंशुमन पड़ोसी के घर से निकलकर स्कूल पहुंचा, लेकिन छात्र को स्कूल प्रशासन ने भीतर प्रवेश नहीं करने दिया। इस कारण उसकी परीक्षा छूट गई। उसने अपने पिता योगेंद्र प्रताप सिंह को दी तो उन्होंने इसकी शिकायत नगर निगम के अधिकारियों से की। मामले को कर विभाग के अधिकारियों ने जांचा तो बकाया जमा मिला। ऐसे में उनके पसीने छूट गए। चार घंटे बाद करीब साढ़े 12 बजे सील खोली गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

जीआईएस सर्वे की गड़बड़ी से एक ही मकान के दो बिल जारी हो गए थे। जिसका नोटिस भी जारी किया गया था। शुक्रवार को टीम आवास पर पहुुंची और आधा घंटे तक दरवाजा खटखटाती रही, लेकिन कोई बाहर नहीं आया। मकान में दो गेट थे, जिस कारण एक गेट को सील किया गया। परीक्षा छूटने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।- बेचन प्रसाद, टीएस, जोन दो नगर निगम

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नगर निगम की लापरवाही से परिवार उत्पीड़न कर शिकार हुआ। बकाया जमा करने के बाद भी मकान पर सील लगाने से कालोनी में छवि भी धूमिल हुई है। साथ ही बेटे की परीक्षा भी छूट गई है। फर्जी नोटिस, मनमानी कार्रवाई और नागरिकों के बातों को अनदेखी करना अधिकारियों की शगल बन गई है।- योगेंद्र प्रताप सिंह, पीड़ित

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