मलखान सिंह जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में निगेटिव ग्रुप का रक्त खत्म हो गया है। इसकी वजह से जरूरतमंद लोगों को निराश होना पड़ रहा है, जो रक्त उपलब्ध है, उसमें से आधा ओ पॉजिटिव ग्रुप का है।
वर्तमान में मलखान सिंह जिला अस्पताल में 70 यूनिट रक्त उपलब्ध है, जिसमें 35 यूनिट सिर्फ ओ पॉजिटिव ग्रुप का है। इसके अतिरिक्त 20 यूनिट बी पॉजिटिव एवं 10 यूनिट ए पॉजिटिव ग्रुप का है। एबी पॉजिटिव ग्रुप का 5 यूनिट रक्त उपलब्ध है। चिंता की बात यह है कि ए निगेटिव, ओ निगेटिव, बी निगेटिव और एबी निगेटिव ग्रुप का रक्त ब्लड बैंक में उपलब्ध नहीं है, जबकि निगेटिव ग्रुप के लिए प्रतिदिन मांग आ रही है। ऐसी स्थिति में ब्लड बैंक के कर्मचारी एवं अधिकारी असमर्थता जता देते हैं। ब्लड बैंक के यतेंद्र सिंह का कहना है कि वर्तमान में निगेटिव ग्रुप का रक्त उपलब्ध नहीं है। सबसे अधिक ओ पॉजिटिव ग्रुप का रक्त है। निगेटिव ग्रुप के रक्त के लिए आए दिन फोन आते हैं।
ये है कमी का कारण
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद हर तरफ भय का माहौल है। ब्लड बैंक के कर्मचारियों का कहना है कि आंबेडकर जयंती पर आंबेडकर पार्क में हेल्प यू संस्था द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। 16 लोगों ने रक्तदान किया था। पिछले 36 दिनों से कहीं और शिविर का आयोजन नहीं हुआ है। इस दौरान व्यक्तिगत स्तर पर रक्तदान करने वाले रक्तदाता भी नहीं आए।
ऑपरेशन एवं दुर्घटनाग्रस्त लोगों को सबसे अधिक जरूरत
वर्तमान में बड़े ऑपरेशन एवं अन्य कार्य टलने के कारण रक्त की ज्यादा मांग नहीं है। पिछले दस दिन में विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए 5 यूनिट ओ पॉजिटिव रक्त दिया गया है। अभी सबसे अधिक रक्त की मांग सिजेरियन ऑपरेशन एवं दुर्घटना में घायल लोगों के लिए है। वर्तमान में शहर में दस निजी एवं सरकारी ब्लड बैंक हैं, जहां से मरीजों की जरूरत पूरी हो रही है।
रक्तदान करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर नहीं होती है। रक्तदान के बाद शरीर में नए रक्त बनने की प्रक्रिया और तेज हो जाती है, जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। महामारी के समय में लोगों का जीवन बचाने के लिए रक्तदान करें।
- डॉ. एसके वर्मा, चिकित्सक, मलखान सिंह जिला अस्पताल
रक्त की उपलब्धता पर एक नजर
ओ पॉजिटिव - 35 यूनिट
ए पॉजिटिव - 10 यूनिट
बी पॉजिटिव - 20 यूनिट
एबी पॉजिटिव - 5 यूनिट
कुल - 70 यूनिट